हिंडाल्को प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच बनी सहमति, जल्द शुरू होगा कोल खनन कार्य

चकला कोल प्रोजेक्ट

चकला कोल प्रोजेक्ट को मिली हरी झंडी, ज़मीन विवाद खत्म

चंदवा (लातेहार),संवाददाता विशेष: हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड के बहुप्रतीक्षित चकला कोल माइंस प्रोजेक्ट को लेकर वर्षों से चली आ रही भूमि विवाद की बाधा आखिरकार दूर हो गई है। मंगलवार को प्रखंड कार्यालय के सभागार में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में कंपनी प्रबंधन और विस्थापित-प्रभावित ग्रामीणों के बीच कई मुद्दों पर सहमति बनी, जिससे परियोजना को जल्द शुरू किए जाने का रास्ता साफ हो गया है।

image 29

तीसरी बैठक में बनी सहमति, ग्रामीणों ने जताई जमीन देने की इच्छा

इस बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी अजय कुमार रजक की अध्यक्षता में कंपनी और रैयतों के बीच संवाद स्थापित हुआ। मौके पर अंचलाधिकारी जयशंकर पाठक, पुलिस निरीक्षक रंधीर कुमार, हिंडाल्को के यूनिट हेड दीपक लेंका सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

whatsapp channel

Jever News Paper

हिंडाल्को प्रबंधन ने विस्तृत रूप से अपनी आरएनआर (पुनर्वास और पुनर्स्थापन) नीति की जानकारी दी और स्पष्ट किया कि सभी प्रावधानों का शत-प्रतिशत अनुपालन किया जाएगा। कंपनी की ओर से कहा गया कि रैयती भूमि सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार ली जा रही है और चार गुना मुआवजा दिए जाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित है।

image 30
Maa RamPyari Hospital

Telegram channel

“हम विकास विरोधी नहीं, लेकिन न्याय चाहिए” – ग्रामीणों की दो टूक

resizone elanza

बैठक में विकास भगत, हरि भगत, सुरेंद्र उरांव, मो. इजहार सहित कई ग्रामीणों ने मौखिक और लिखित रूप से अपनी मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि—

the-habitat-ad

“हम विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन हमारी जमीन पर अधिकार के साथ मुआवजा मिले। दस्तावेजों में त्रुटियाँ हैं, जिनकी वजह से भाई-भाई में विवाद हो रहे हैं। यदि सरकार और कंपनी हमारी समस्याओं का समाधान करें, तो हम ज़मीन देने को तैयार हैं।”

image 31

ग्रामीणों की मुख्य मांगें:

  1. रैयती भूमि के लिए ₹1.60 लाख प्रति डिसमिल मुआवजा
  2. जीएम व वन भूमि पर मालिकाना हक देकर मुआवजा देना
  3. हर बालिग विस्थापित को ₹45,000 प्रतिमाह न्यूनतम वेतन पर नौकरी
  4. हर विस्थापित परिवार को एनएच किनारे 12 डिसमिल का भूखंड देना
  5. खनन व ट्रांसपोर्टिंग कार्य में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता
  6. सर्वे में हुई त्रुटियों को सुधारना एवं सामुदायिक वन पट्टा निर्गत करना

एसडीओ ने की संयम और शांति की अपील

अनुमंडल पदाधिकारी अजय कुमार रजक ने बैठक में ग्रामीणों से संयम बरतने और कानून को हाथ में न लेने की अपील की। उन्होंने कहा:

“आपके अधिकार की रक्षा के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है। किसी अधिकारी या कंपनी प्रतिनिधि के साथ अभद्रता न करें। शिकायत या सुझाव सीधे प्रशासन को दें, हम उचित कार्रवाई करेंगे।”

परियोजना के लिए बड़ी उपलब्धि

चकला कोल प्रोजेक्ट हिंडाल्को की एक रणनीतिक परियोजना है, जो कोयले की आपूर्ति में आत्मनिर्भरता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। भूमि विवाद के समाधान के बाद इस परियोजना के आरंभ से स्थानीय स्तर पर रोजगार, आर्थिक गतिविधियों और बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिलने की संभावना है।

चकला कोल प्रोजेक्ट को लेकर कंपनी और ग्रामीणों के बीच बनी सहमति स्थानीय विकास के नए युग की शुरुआत मानी जा रही है। यह उदाहरण दर्शाता है कि संवाद और पारदर्शिता के माध्यम से किसी भी जटिल मुद्दे का समाधान संभव है। अब देखना है कि इस सहमति को जमीन पर उतारते हुए कितनी शीघ्रता से परियोजना को शुरू किया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *