न्यायमूर्ति नवनीत कुमार बने झारखंड विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष, राज्यपाल ने दिलाई शपथ

Justice Navneet Kumar took charge Justice Navneet Kumar took charge

रांची : झारखंड के ऊर्जा क्षेत्र के लिए आज का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। झारखंड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति नवनीत कुमार ने मंगलवार को झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (JSERC) के अध्यक्ष पद की शपथ ली। राजभवन दरबार हॉल में आयोजित विशेष समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

Maa RamPyari Hospital

इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन भी मौजूद रहे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री दोनों ने नवनियुक्त अध्यक्ष को हार्दिक बधाई दी और उनके कार्यकाल को राज्य की ऊर्जा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए शुभकामनाएँ दीं।

WhatsApp Image 2025 08 26 at 12.13.10 2

गरिमामय समारोह में जुटे गणमान्य
राजभवन में हुए इस शपथ ग्रहण समारोह में कई वरीय अधिकारी, न्यायपालिका से जुड़े वरिष्ठ लोग और गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। पूरा आयोजन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ और राज्य की ऊर्जा व्यवस्था में नई उम्मीदें जगाईं।

WhatsApp Image 2025 08 26 at 12.13.09
whatsapp channel

Maa RamPyari Hospital

आयोग की अहम भूमिका
झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग राज्य के ऊर्जा क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण संस्थाओं में से एक है। इसका मुख्य कार्य बिजली की दरें तय करना, उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना, ऊर्जा आपूर्ति की गुणवत्ता पर नजर रखना और बिजली कंपनियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इसके अलावा आयोग यह भी देखता है कि बिजली वितरण कंपनियां उपभोक्ताओं से वसूली में पारदर्शिता रखें और उन्हें समय पर व निर्बाध आपूर्ति मिले।

paras-trauma
ccl

राज्य में बिजली की चुनौतियाँ
झारखंड में लंबे समय से बिजली आपूर्ति सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। ग्रामीण इलाकों में अब भी 18 से 20 घंटे की कटौती आम बात है, वहीं शहरी उपभोक्ता भी अनियमित आपूर्ति और बिलिंग की समस्याओं से जूझते हैं।
बिजली चोरी, लाइन लॉस, ट्रांसफॉर्मर जलने और खराब वितरण व्यवस्था जैसी समस्याएं भी उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बनी रहती हैं। ऐसे में आयोग से अपेक्षा है कि वह उपभोक्ता-हितैषी नीतियां बनाए और कंपनियों की जवाबदेही तय करे।

the-habitat-ad

न्यायमूर्ति नवनीत कुमार का अनुभव
न्यायमूर्ति नवनीत कुमार ने अपने न्यायिक कार्यकाल के दौरान निष्पक्षता, कड़े फैसले और संवेदनशीलता के लिए पहचान बनाई। उन्होंने उच्च न्यायालय में रहते हुए कई जनहित याचिकाओं पर महत्वपूर्ण फैसले दिए। उनके पास न केवल प्रशासनिक अनुभव है बल्कि विधिक विशेषज्ञता भी है, जो आयोग के कामकाज को मजबूती देगा।
उनकी नियुक्ति से उम्मीद की जा रही है कि आयोग में पारदर्शिता और सख्ती दोनों देखने को मिलेगी, जिससे बिजली उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत होगा।

adani
15 aug 10

सरकार की रणनीति और आयोग से अपेक्षाएँ
राज्य सरकार ने हाल ही में ग्रामीण विद्युतीकरण और शहरी क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना पर जोर दिया है। इसके साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा—खासकर सोलर पावर प्रोजेक्ट्स—को बढ़ावा देने की दिशा में भी तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का मानना है कि झारखंड ऊर्जा संसाधनों से सम्पन्न राज्य है और यहाँ खनिज आधारित बिजली उत्पादन की भी असीमित संभावनाएँ हैं। लेकिन इन संसाधनों का लाभ तभी आम जनता तक पहुँचेगा, जब आयोग जैसी संस्थाएँ अपनी भूमिका सक्रियता से निभाएँ।

WhatsApp Image 2025 08 26 at 12.13.09 1

उपभोक्ताओं की उम्मीदें

  • बिजली उपभोक्ता आयोग से उम्मीद कर रहे हैं कि
  • बिजली दरों में पारदर्शिता आएगी,
  • अनियमित बिलिंग की समस्या पर रोक लगेगी,
  • ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे कटौती पर नियंत्रण होगा,
  • और वितरण कंपनियों को जवाबदेह बनाया जाएगा।
  • नवनीत कुमार के अनुभव से इन उम्मीदों को बल मिला है।

झारखंड में ऊर्जा क्षेत्र की स्थिति सुधारना आसान नहीं है। एक ओर बढ़ती मांग और दूसरी ओर कमजोर वितरण प्रणाली राज्य की बड़ी चुनौती है। ऐसे समय में न्यायमूर्ति नवनीत कुमार की नियुक्ति को न केवल प्रशासनिक सुधार बल्कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुआ यह शपथ ग्रहण समारोह इस बात का संकेत है कि सरकार आयोग की भूमिका को बेहद गंभीरता से देख रही है। अब देखना होगा कि न्यायमूर्ति कुमार अपने अनुभव से झारखंड की बिजली व्यवस्था को नई दिशा दे पाते हैं या नहीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *