बोकारो विधायक श्वेता सिंह ने असाध्य रोगियों को दी आर्थिक सहायता, कहा – परिवार का हाथ थामना सरकार का दायित्व

बोकारो: बोकारो विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्वेता सिंह के आवासीय कार्यालय में मंगलवार को एक भावनात्मक और संवेदनशील कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विवेकानुदान मद से असाध्य रोगों से जूझ रहे पांच मरीजों को ₹50,000-₹50,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

कार्यक्रम के दौरान विधायक ने मरीजों और उनके परिजनों को चेक सौंपते हुए कहा कि सरकार और जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य है कि वे कठिन समय में परिवार का साथ दें।
लाभान्वित परिवार
इस सहायता राशि से जिन परिवारों को राहत मिली उनमें –
- डूमरजोर निवासी इसराइल अंसारी (कैंसर पीड़ित)
- सेक्टर 9A निवासी सरोज सिंह (कैंसर पीड़ित)
- मनोज कुमार गुप्ता के पुत्र (लीवर कैंसर पीड़ित)
- मिनी देवी (कैंसर पीड़ित)
- सैलेश कुमार प्रभाकर (कैंसर पीड़ित)
पीड़ित परिवारों ने सहायता पाकर राहत की सांस ली और उनकी आँखों से भावनाएँ छलक पड़ीं। उन्होंने कहा कि यह सहयोग उनके लिए आशा की नई किरण लेकर आया है।


विधायक श्वेता सिंह का भावनात्मक संबोधन
विधायक श्वेता सिंह ने कहा –
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“बीमारी सिर्फ मरीज को नहीं, बल्कि पूरे परिवार को भीतर तक तोड़ देती है। ऐसे समय में सरकार और जनप्रतिनिधियों का पहला दायित्व है कि वे पीड़ित परिवार का हाथ थामें और उन्हें भरोसा दिलाएँ कि वे अकेले नहीं हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी ने बार–बार यह साबित किया है कि झारखंड सरकार गरीब और वंचित परिवारों के साथ खड़ी है। यह सहायता राशि भले ही जीवन का विकल्प नहीं हो सकती, लेकिन यह कठिन दौर में संबल का काम जरूर करेगी।”


उन्होंने आगे कहा कि यह पहल केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि सरकार की संवेदनशील सोच का प्रतीक है। बोकारो के हर नागरिक के सुख–दुख में वह हमेशा साथ खड़ी हैं और भविष्य में भी अधिक से अधिक मरीजों तक यह मदद पहुँचाने का प्रयास जारी रहेगा।
परिवारों की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम के दौरान मौजूद परिजनों ने विधायक और सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि असाध्य बीमारी की पीड़ा सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी परिवार को तोड़ देती है। ऐसे कठिन समय में मिली यह मदद उन्हें आगे की लड़ाई लड़ने का साहस देती है।
प्रशासन की उपस्थिति
इस अवसर पर बोकारो के सिविल सर्जन अभय कुमार भी मौजूद रहे और उन्होंने मरीजों की स्थिति और आगे की चिकित्सा प्रक्रिया को लेकर परिवारों को मार्गदर्शन दिया।