रांची पुलिस ने बस से बरामद किए दो करोड़ रुपये के जाली नोट, दो गिरफ्तार

Ranchi Police recovered fake notes Ranchi Police recovered fake notes

डीआईजी सह एसएसपी चंदन सिन्हा के निर्देश पर कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोए के नेतृत्व में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नकली करेंसी गिरोह का नेटवर्क खंगालने में जुटी टीम।

रांची :राजधानी रांची पुलिस ने जाली नोट कारोबार पर बड़ा प्रहार किया है। गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने दो करोड़ रुपये मूल्य के नकली करेंसी बरामद किए हैं। इसके साथ ही मौके से दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। यह बरामदगी सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के न्यू मार्केट स्थित बस स्टैंड में खड़ी एक बस से की गई।

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
डीआईजी सह एसएसपी चंदन सिन्हा को शुक्रवार को जानकारी मिली थी कि पटना से आने वाली एक बस में भारी मात्रा में जाली नोट की खेप लाई जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तुरंत कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोए के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की। टीम ने रात तक ऑपरेशन चलाया और संदिग्ध बस की तलाश में विभिन्न जगहों पर निगरानी रखी।
जैसे ही बस न्यू मार्केट स्थित बस स्टैंड पर पहुंची, पुलिस ने उसे घेरकर तलाशी शुरू की। बस के डिक्की में रखे एक बक्से से पुलिस को जाली नोटों की गड्डियां मिलीं। जब गिनती की गई तो नकली करेंसी की कुल राशि दो करोड़ रुपये निकली।

दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मौके से दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी उसी बस में सवार थे और बक्सा उन्हीं के कब्जे में था। अधिकारियों का कहना है कि दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि जाली नोट के सप्लाई नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। पुलिस को संदेह है कि यह जाली करेंसी अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर के गिरोह से जुड़ी हो सकती है।

गिरोह के नेटवर्क की जांच
एसएसपी चंदन सिन्हा ने बताया कि यह बरामदगी राजधानी में नकली करेंसी कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट कहां से लाए गए थे और इन्हें कहां पहुंचाने की योजना थी।

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पुलिस को शक है कि जाली नोटों का इस्तेमाल चुनावी गतिविधियों, अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री या नशे के कारोबार में किया जा सकता था। फिलहाल इस पहलू पर भी गंभीरता से जांच की जा रही है।

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जाली नोट कारोबार से देशभर में चिंता
जाली करेंसी केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि देशभर के लिए चिंता का विषय रही है। सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट बताती हैं कि नेपाल, बांग्लादेश और पाकिस्तान से नकली नोटों की खेप भारत में तस्करी कर लाई जाती है। अक्सर इन्हें बिहार, बंगाल, झारखंड और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में सबसे पहले खपाया जाता है।

नकली करेंसी का सबसे बड़ा असर आम जनता पर पड़ता है। बाज़ार में जाली नोट पहुंचने से न केवल व्यापारियों को नुकसान होता है, बल्कि आम उपभोक्ता भी इसकी चपेट में आते हैं। कई बार लोग अनजाने में नकली नोट लेकर फंस जाते हैं और फिर कानूनी कार्रवाई झेलनी पड़ती है।

पहले भी झारखंड में बरामद हुए थे जाली नोट
यह पहली बार नहीं है जब झारखंड पुलिस ने बड़ी मात्रा में जाली नोट जब्त किए हों। पिछले कुछ वर्षों में रांची, धनबाद, गिरिडीह और पाकुड़ में पुलिस ने लाखों रुपये मूल्य के नकली करेंसी पकड़े हैं। कई मामलों में यह खुलासा हुआ है कि यह नोट सीमावर्ती इलाकों से होते हुए स्थानीय नेटवर्क तक पहुंचते हैं और फिर छोटे-छोटे लेन-देन में खपाए जाते हैं।

विशेषज्ञ बताते हैं कि जाली नोट का कारोबार सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है। कई बार ऐसे गिरोहों को आतंकवाद को फंडिंग करने का साधन भी माना गया है।

पुलिस की आगे की योजना
रांची पुलिस ने इस बरामदगी के बाद पूरे नेटवर्क को खंगालने के लिए विशेष टीम बनाई है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस मामले का संबंध किसी अंतरराज्यीय गिरोह से है। इसके अलावा पुलिस आर्थिक अपराध शाखा और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों से भी समन्वय कर रही है ताकि बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सके। एसएसपी चंदन सिन्हा ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं से संदिग्ध नोट मिलते हैं तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। उन्होंने कहा कि नकली करेंसी के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की नहीं बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है।

रांची पुलिस की यह कार्रवाई न केवल राजधानी बल्कि पूरे झारखंड में जाली नोट कारोबार पर एक बड़ा प्रहार है। दो करोड़ रुपये की बरामदगी ने साफ कर दिया है कि नकली करेंसी गिरोह अब भी सक्रिय हैं और उनके नेटवर्क को तोड़ना कानून व्यवस्था की प्राथमिकता है। इस ऑपरेशन से पुलिस की सतर्कता और खुफिया तंत्र की सफलता भी सामने आई है।

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