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पलामू में 30 लाख की अवैध अफीम के साथ तस्कर गिरफ्तार, बंगाल साइबर क्राइम का भी आरोपी

Narcotics Seizure

मेदिनीनगर रेलवे स्टेशन के पास पकड़ा गया ड्रग तस्कर

पलामू: पलामू पुलिस ने जिले में ड्रग नेटवर्क पर सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक को अंजाम दिया है। पुलिस ने मेदिनीनगर टाउन थाना क्षेत्र के रेलवे स्टेशन इलाके से 30 लाख रुपये मूल्य की अवैध अफीम बरामद कर एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त अभिषेक कुमार, न केवल ड्रग तस्करी में लिप्त था, बल्कि पश्चिम बंगाल में एक बड़े साइबर ठगी केस का भी आरोपी है।

इस गिरफ्तारी की पुष्टि पलामू एसपी रीष्मा रमेशन ने की है, जिन्होंने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर शुरू किए गए सर्च अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली।

रेलकर्मी इलाके में कार से तस्करी—सटीक सूचना पर पुलिस ने दबोचा
SP रमेशन ने बताया कि पुलिस को इनपुट मिला था कि रेलवे स्टेशन के आसपास एक कार से अफीम की बड़े स्तर पर डिलीवरी होनी है। सूचना मिलते ही डीएसपी राजीव रंजन के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई और इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ।

सर्च के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध कार रोकी। कार के भीतर बैठे व्यक्ति के बैग की तलाशी लेने पर 6.523 किलोग्राम अवैध अफीम बरामद की गई। पुलिस की मानें तो यह खेप कई हिस्सों में तैयार की गई थी और अलग-अलग ग्राहकों को डिलीवर की जानी थी।

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ACB के आंकड़ों के अनुसार 1 किलो अफीम = 5 लाख
अफीम की बरामद मात्रा का मूल्यांकन करते हुए एसपी ने बताया:

  • 1 किलो अफीम की कीमत = ₹5,00,000 (ACB डेटा)
  • बरामद 6.523 किलो की कुल कीमत = लगभग ₹30 लाख
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यह बरामदगी झारखंड–बिहार–उत्तरी भारत में सक्रिय तस्करी नेटवर्क के बड़े हिस्से को उजागर करती है।

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गिरफ्तार आरोपी अभिषेक कुमार—चैनपुर थाना क्षेत्र का निवासी
पलामू एसपी के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त अभिषेक कुमार, चैनपुर थाना क्षेत्र के बंदुआ का रहने वाला है। वह बाहर के तस्कर को अफीम डिलीवर करने की तैयारी कर रहा था।

पुलिस की तत्कालीन जांच में पता चला कि—

  • अफीम पलामू–चतरा सीमा से खरीदी गई थी
  • 6 हिस्सों में पैक कर अलग-अलग दाम पर बेचने की योजना थी
  • यह खेप पहले भी कई किस्तों में खरीदी जा चुकी थी

गिरफ्तार आरोपी साइबर अपराध में भी वांछित—बंगाल में 18 लाख की ठगी
एसपी रमेशन ने सबसे चौंकाने वाला खुलासा किया— अभिषेक कुमार पश्चिम बंगाल के विधाननगर साइबर क्राइम केस का वांछित आरोपी है। वह टेलीग्राम के जरिए एक व्यक्ति से 18 लाख रुपये की ठगी में शामिल रहा है। इस ठगी में डिजिटल वॉलेट, फर्जी क्रिप्टो निवेश और सिंथेटिक पहचान का इस्तेमाल किया गया था।

पलामू पुलिस अब पश्चिम बंगाल पुलिस से संपर्क कर उसका आपराधिक इतिहास और गहरा नेटवर्क पता कर रही है।

अफीम छह पैकेटों में पैक, कई राज्यों से जुड़े तस्करों का नेटवर्क
छापेमारी के दौरान बरामद अफीम को छह पैकेटों में पैक किया गया था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह पैकिंग पद्धति पेशेवर तस्करों द्वारा अपनाई जाती है ताकि—

  • वजन बार-बार बदला जा सके,
  • विभिन्न ग्राहकों को अलग-अलग मात्रा बेची जा सके,
  • पकड़े जाने पर छोटी मात्रा साबित की जा सके।

यह नेटवर्क झारखंड–बिहार–बंगाल–उड़ीसा तक फैला हो सकता है।

छापेमारी अभियान में कई अधिकारी शामिल
पलामू पुलिस की इस कार्रवाई में शामिल थे—

  • डीएसपी राजीव रंजन
  • सब इंस्पेक्टर तंजीलुल मन्नान
  • टीओपी-1 प्रभारी इंद्रदेव पासवान
  • एएसआई संदीप राम
  • अजय कुमार साहू
  • अजय सिंह
  • सुमित और बड़ी संख्या में पुलिस बल।

इस संयुक्त कार्रवाई ने पुलिस को तस्कर नेटवर्क की कड़ियों तक पहुँचने में मदद की है।

न्यायिक हिरासत में भेजा गया तस्कर, जांच तेज
अभियुक्त अभिषेक कुमार को अफीम तस्करी और साइबर अपराध दोनों गंभीर धाराओं के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब उसके मोबाइल डेटा, बैंक लेनदेन और पश्चिम बंगाल से जुड़े तारों की जांच कर रही है।

पलामू पुलिस की बड़ी कामयाबी—ड्रग और साइबर नेटवर्क पर एक साथ प्रहार
इस कार्रवाई ने साफ दिखाया है कि झारखंड में अपराध की नई शक्ल— ड्रग तस्करी + साइबर क्राइम का गठजोड़—अब सामने आ रहा है। अभिषेक की गिरफ्तारी से कई छिपे नेटवर्क के खुलने की उम्मीद है।

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