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डीजीपी अनुराग गुप्ता ने दिया इस्तीफा, झारखंड में मची हलचल

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फरवरी 2027 तक था कार्यकाल, अचानक दिया इस्तीफा

रांची: झारखंड पुलिस के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने मंगलवार की देर शाम अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उन्होंने इस्तीफा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सौंपा है, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस्तीफे के बाद अब झारखंड पुलिस में नए डीजीपी की नियुक्ति को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

कौन बनेगा नया डीजीपी? एमएस भाटिया और प्रशांत सिंह के नाम चर्चा में
सरकारी हलकों में चर्चा है कि आईपीएस एमएस भाटिया और आईपीएस प्रशांत सिंह का नाम संभावित नए डीजीपी के रूप में सामने आ रहा है। हालांकि, अभी तक किसी भी अधिकारी की ओर से इस पर बयान नहीं दिया गया है। अनुराग गुप्ता के इस्तीफे के बाद राज्य के पुलिस महकमे में सन्नाटा और असमंजस का माहौल है।

रात 7:30 बजे शुरू हुई थी हलचल, मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे डीजीपी
मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे, जब डीजीपी कार्यालय बंद हो चुका था, अचानक वहां गतिविधियाँ शुरू हुईं। थोड़ी देर बाद खुद डीजीपी अनुराग गुप्ता दफ्तर पहुंचे और कुछ आधिकारिक कागजातों पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद वे सीधे कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और वहां करीब आधे घंटे तक रुके रहे। फिर वे अपने आवास लौट गए। इसी के बाद से उनके इस्तीफे की खबर सोशल मीडिया और ब्यूरोक्रेसी में फैल गई।

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फरवरी 2025 में बने थे नियमित डीजीपी
अनुराग गुप्ता को फरवरी 2025 में झारखंड का नियमित डीजीपी बनाया गया था।
इससे पहले वे एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) और सीआईडी के डीजी का भी अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। सितंबर 2024 में सरकार ने उनसे एसीबी का प्रभार वापस ले लिया था, जिसके बाद से ही यह चर्चा तेज थी कि उन्हें डीजीपी पद से हटाया जा सकता है।

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विवादों और फेरबदल का रहा है लंबा सिलसिला
गौरतलब है कि अनुराग गुप्ता को वर्ष 2022 में डीजी रैंक में प्रोन्नति मिली थी और पहले उन्हें डीजी ट्रेनिंग बनाया गया था। बाद में 26 जुलाई 2024 को उन्हें झारखंड का प्रभारी डीजीपी नियुक्त किया गया था। हालांकि, विधानसभा चुनाव के दौरान भारत निर्वाचन आयोग ने उन्हें हटाने का निर्देश दिया था। चुनाव के बाद हेमंत सोरेन सरकार की वापसी हुई, तो 28 नवंबर 2024 को उन्हें फिर से डीजीपी बना दिया गया। 3 फरवरी 2025 को उन्हें नियमित डीजीपी का दर्जा दिया गया था।

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कार्यकाल और अधिसूचना पर उठ रहे सवाल
झारखंड सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में अनुराग गुप्ता के कार्यकाल का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं था। सूत्रों के अनुसार, नियुक्ति ‘महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, झारखंड (पुलिस बल प्रमुख) चयन एवं नियुक्ति नियमावली 2025’ के तहत की गई थी, जिसके अनुसार डीजीपी का कार्यकाल दो वर्ष का होना तय है।

सरकार की चुप्पी बरकरार, चर्चा का बाजार गर्म
मंगलवार देर रात तक न तो मुख्यमंत्री कार्यालय और न ही गृह विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया। सरकारी सूत्रों का कहना है कि इस्तीफे पर विचार चल रहा है और निर्णय जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा। इस बीच, झारखंड पुलिस महकमे के अधिकारियों में अनिश्चितता और असमंजस का माहौल है। राजनीतिक गलियारों में भी इस इस्तीफे को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या यह प्रशासनिक निर्णय है या इसके पीछे कोई राजनीतिक दबाव।

अनुराग गुप्ता का इस्तीफा झारखंड प्रशासनिक व्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका है। फरवरी 2027 तक उनका कार्यकाल तय था, लेकिन अचानक पद छोड़ना कई सवाल खड़े कर रहा है। अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम पर है — क्या नया डीजीपी जल्द घोषित होगा या यह सस्पेंस कुछ और दिनों तक बना रहेगा।

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