जामताड़ा में जंगल से पकड़ा गया बड़ा साइबर गिरोह, नारायणपुर में SP के निर्देश पर छापेमारी—6 अपराधी गिरफ्तार

Jamtara Cyber Crime

ऑनलाइन ठगी करने वाला सक्रिय गिरोह जंगल में बैठकर चलाता था फर्जीवाड़ा, 13 मोबाइल–18 सिम जब्त

जामताड़ा : जामताड़ा पुलिस ने एक बार फिर बड़े साइबर नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नारायणपुर थाना क्षेत्र के दुलाडीह जंगल में छापेमारी की गई, जहां पुलिस टीम ने एक सक्रिय साइबर गिरोह को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस ऑपरेशन का नेतृत्व पुलिस निरीक्षक विहारी मराण्डी कर रहे थे।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 6 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा तक फैले ठगी नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।

जंगल में बैठकर कर रहे थे ऑनलाइन ठगी—जामताड़ा के अलग-अलग गांवों से संबंध
गिरफ्तार आरोपी जामताड़ा जिले के कई गांवों से आते हैं। इनमें शामिल हैं—

  • सनफराज अंसारी (28), पिता मुरशेद मियां, ग्राम राजाभिठा
  • इब्राहिम अंसारी (22), पिता अकबर अंसारी, ग्राम रिगोचिगों
  • जनाब अंसारी (20), पिता फिरोज अंसारी
  • सदरूदीन अंसारी (28), पिता बहारूद्दीन मियां, ग्राम राजाभिठा
  • बेलाल अंसारी (30), पिता शेरअली मियां, ग्राम लोकनियर्थी
  • सराफत अंसारी (24), पिता एनाउल अंसारी, ग्राम सिन्दरजोरी

ये सभी जंगल के भीतर बैठकर नेटवर्क सिग्नल बूस्टर और मल्टी-सिम डिवाइस की मदद से रोजाना सैकड़ों कॉल कर रहे थे।

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13 मोबाइल, 18 सिम, ATM–आधार कार्ड और बाइक बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए—

  • 13 मोबाइल फोन
  • 18 सिम कार्ड
  • 1 एटीएम कार्ड
  • 1 आधार कार्ड
  • 1 मोटरसाइकिल
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मोबाइल में कई बैंकों के ग्राहकों की जानकारी, स्क्रीन रिकॉर्डिंग ऐप और डिजिटल वॉलेट का डेटा मिलने की आशंका है। पुलिस डेटा विश्लेषण के लिए उपकरण जब्त कर रही है।

बंधन बैंक ग्राहकों को टारगेट करते थे—कार्ड ब्लॉक का डर दिखाकर ठगते थे पैसे
जामताड़ा साइबर गिरोह अपने फर्जी तरीके से पीड़ितों को फोन करता था। उनकी रणनीति बेहद चालाक और सुनियोजित थी—

  1. वे बंधन बैंक और अन्य बैंकों के ग्राहक डेटाबेस का इस्तेमाल करते थे।
  2. ग्राहक को कॉल कर कहा जाता था—“आपका कार्ड बंद होने वाला है।”
  3. नए कार्ड के नाम पर पीड़ित से स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड कराया जाता था।
  4. उसी ऐप से अपराधी—
  • OTP
  • कार्ड नंबर
  • CVV
  • पिन
  • बैंक बैलेंस सारी जानकारी हासिल कर लेते थे।
  1. फिर तुरंत ग्राहक के खाते को “खंगाल” कर खाली कर देते थे।

टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज
इन साइबर अपराधियों के खिलाफ जामताड़ा साइबर थाना कांड संख्या 68/25 दर्ज किया गया है।
मामले में—

  • आईटी एक्ट
  • टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023
    की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं।

सभी अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

जामताड़ा: देश का साइबर अपराध हब—पुलिस की लगातार बड़ी कार्रवाई
जामताड़ा देशभर में साइबर ठगी के लिए बदनाम रहा है। यहां से हजारों बैंक फ्रॉड, KYC फ्रॉड और कार्ड ब्लॉक–अलर्ट स्कैम ऑपरेट किए जाते रहे हैं। पिछले एक साल में पुलिस ने कई बड़े गिरोह पकड़े हैं, लेकिन जंगल, नदी किनारे और दुर्गम क्षेत्रों से ऑपरेशन चलाने वाले नेटवर्क को खत्म करना चुनौती बना हुआ है।

SP की निगरानी में जारी है पूछताछ—बैंक डेटा लीक और नेटवर्क लिंक की जांच
जामताड़ा पुलिस इस गिरोह के बैंक डेटा स्रोत, नेटवर्क संचालकों और अन्य राज्यों के कनेक्शन की जांच कर रही है।
संभावना है कि यह गिरोह एक बड़े इंटर-स्टेट रैकेट का हिस्सा है, जिसकी जड़ें कई राज्यों तक फैली हैं।

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