पलामू में पांव जमाने की कोशिश में कुख्यात प्रिंस खान, युवकों को बना रहा गैंग का हथियार
पलामू को नया ठिकाना बनाने की कोशिश
Palamu : झारखंड का कुख्यात अपराधी प्रिंस खान अब पलामू के इलाके में अपना नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रिंस खान पलामू के स्थानीय युवकों को अपने गैंग से जोड़ने की रणनीति पर काम कर रहा है, ताकि यहां संगठित अपराध की जमीन तैयार की जा सके।
पहली बार पलामू में दर्ज हुई गतिविधि
दरअसल, पलामू में पहली बार प्रिंस खान का नाम एक बड़े आपराधिक मामले में सामने आया है। उसने मेदिनीनगर के एक सोना कारोबारी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। रंगदारी वसूलने के दबाव में कारोबारी के प्रतिष्ठान पर फायरिंग कराने की साजिश रची गई थी, लेकिन पुलिस की तत्पर कार्रवाई से पहले ही शूटर गिरफ्तार कर लिए गए।
फायरिंग के लिए जोड़े गए युवक, सभी गिरफ्तार
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि प्रिंस खान ने सबसे पहले दो युवकों को फायरिंग के लिए अपने गैंग से जोड़ा था। दोनों को पुलिस ने समय रहते गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसने एक और युवक को फायरिंग के लिए पैसे दिए, लेकिन वह भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। इस तरह पलामू में प्रिंस खान की अब तक की सभी आपराधिक कोशिशों को पुलिस ने नाकाम कर दिया है।
विदेश से गैंग ऑपरेट करने की कोशिश
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि प्रिंस खान पलामू में रहते हुए नहीं, बल्कि विदेश में बैठकर पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा है। पलामू पुलिस के अनुसार, कुवैत में बैठा एक युवक इस पूरे नेटवर्क में उसकी मदद कर रहा है।
कुवैत से मदद का आरोप, मामला दर्ज
पुलिस के मुताबिक, मेदिनीनगर टाउन थाना क्षेत्र के पहाड़ी मोहल्ला निवासी आतिफ खान पर कुवैत में बैठकर प्रिंस खान की मदद करने का आरोप है। इस संबंध में पलामू में प्राथमिकी दर्ज की गई है और पुलिस पूरे मामले में आगे की अनुसंधान कर रही है।
सोशल मीडिया बना संपर्क का जरिया
पलामू पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि प्रिंस खान सोशल मीडिया के जरिए युवकों से संपर्क कर रहा है। हालिया मामलों में पकड़े गए सभी युवक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही प्रिंस खान के संपर्क में आए थे। उसके सोशल मीडिया अकाउंट, वायरल वीडियो, मोबाइल नंबर और आईडी युवकों को गैंग से जोड़ने का माध्यम बन रहे हैं।
नाम बदलकर और वीडियो शेयर कर दिखा रहे जुड़ाव
कुछ युवक प्रिंस खान से जुड़े वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं और यहां तक कि अपना नाम बदलकर खुद को उसके गैंग से जुड़ा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस इसे गंभीर संकेत मानते हुए सोशल मीडिया गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रख रही है।
पुलिस और समाज दोनों को सतर्क रहने की जरूरत
पलामू की एसपी रीष्मा रमेशन ने कहा है कि स्थानीय युवाओं को यह समझने की जरूरत है कि विदेश में बैठा अपराधी किस तरह उन्हें अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे मामले में अलर्ट मोड पर है, कई संदिग्धों को रडार पर लिया गया है और सोशल मीडिया निगरानी को भी तेज किया गया है।
हर कोशिश नाकाम, लेकिन खतरा बरकरार
फिलहाल पलामू में प्रिंस खान के नेटवर्क खड़ा करने की सभी कोशिशों को पुलिस ने विफल कर दिया है, लेकिन जिस तरह से वह युवकों को टारगेट कर रहा है, उसे देखते हुए पुलिस और समाज दोनों के लिए सतर्क रहना जरूरी हो गया है।






