राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक, अनीमिया मुक्त भारत और विद्यालय स्वास्थ्य कल्याण कार्यक्रम के क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय

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रांची, 08 अप्रैल 2025: अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड की अध्यक्षता में “अनीमिया मुक्त भारत एवं विद्यालय स्वास्थ्य कल्याण कार्यक्रम” की अंतर्विभागीय राज्य स्तरीय समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक, निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं एवं संबंधित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। राज्य नोडल पदाधिकारी द्वारा दोनों कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन हेतु अन्य विभागों से अपेक्षित सहयोग के संबंध में विस्तृत प्रस्तुति दी गई।

बैठक में समाज कल्याण, महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, पंचायती राज विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, अजीविका मिशन, शहरी विकास एवं आवास विभाग, जनवितरण प्रणाली विभाग, तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग आदि के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

राज्य नोडल पदाधिकारी ने बताया कि अनीमिया बच्चों एवं किशोरों के बौद्धिक व शारीरिक विकास को प्रभावित करता है तथा कार्य दक्षता में गिरावट लाता है। इसके निदान हेतु राज्य में प्रभावशाली प्रयास किए जा रहे हैं, जिसका परिणाम है कि झारखंड राष्ट्रीय स्तर पर IFA (Iron-Folic Acid) पूरकता में देश में द्वितीय स्थान पर है।

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बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय:

  • डिजिटल हेल्थ एप निर्माण: सभी लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु JAP-IT के सहयोग से एक डिजिटल हेल्थ ऐप विकसित किया जाएगा, जिसमें लाभार्थी स्वयं पंजीकरण कर सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे।
  • AMBT-4 APP का विस्तार: AMBT-4 ऐप को JAP-IT सर्वर पर माइग्रेट कर लाभार्थी मॉड्यूल, ई-ट्रेनिंग मॉड्यूल और मॉनिटरिंग मॉड्यूल जोड़ा जाएगा। सितंबर 2025 तक सभी सेवा प्रदाताओं का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
  • टास्क फोर्स का गठन: जिला और प्रखंड स्तर पर टास्क फोर्स का गठन करते हुए स्वास्थ्य संबंधित गतिविधियों के क्रियान्वयन को गति दी जाएगी।
  • Hb जांच अभियान: सभी योग्य लाभार्थियों की हीमोग्लोबिन जांच प्रत्येक 3 या 6 महीने के अंतराल पर विशेष अभियान के तहत सुनिश्चित की जाएगी।
  • स्वास्थ्य शिक्षा का समावेश: स्कूली पाठ्यक्रम में पोषण और स्वास्थ्य संबंधी विषयों को शामिल कर छात्रों में स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
  • नियमित स्वास्थ्य जांच: स्कूलों में हेल्थ चेकअप की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
  • किशोर स्वास्थ्य शिक्षा: आरोग्य दूतों के माध्यम से किशोरों को स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान की जाएगी।
  • डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड: किशोर स्वास्थ्य कार्ड और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तैयार करने की दिशा में कार्य आरंभ किया जाएगा।
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इस बैठक में लिए गए निर्णयों से झारखंड राज्य में अनीमिया की रोकथाम तथा किशोर स्वास्थ्य संवर्धन की दिशा में एक सशक्त आधार तैयार होगा।

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