नष्ट करने की जगह बाजार में बेच दी गई एक्सपायर्ड बीयर? बोकारो में 37 लाख के खेल की जांच शुरू
बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले से एक्सपायर्ड बीयर को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि नष्ट करने के लिए परमिट ली गई लगभग 1500 पेटी एक्सपायर्ड बीयर को पूरी तरह नष्ट करने के बजाय बाजार में सप्लाई कर दिया गया। इस मामले के सामने आने के बाद उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग में हड़कंप मच गया है। विभागीय मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
37 लाख रुपये की बीयर पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, बोकारो में करीब 1500 पेटी एक्सपायर्ड बीयर नष्ट करने की अनुमति ली गई थी। इनमें 1100 पेटी बड़ी बोतल और 400 पेटी केन बीयर शामिल थी। बड़ी बोतल की एक पेटी में 12 बोतलें जबकि केन वाली पेटी में 24 कैन होती हैं। इन सभी बीयर की अनुमानित कीमत करीब 37 लाख रुपये बताई जा रही है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या परमिट लेने के बावजूद पूरी बीयर वास्तव में नष्ट की गई थी या उसका कुछ हिस्सा बाजार में बेच दिया गया।
विभाग ने शुरू की जांच
मामला सामने आने के बाद उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने जांच टीम को बोकारो भेजा है। टीम अपनी रिपोर्ट जल्द विभागीय मंत्री को सौंपेगी। मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने संबंधित अधिकारियों से पूरी प्रक्रिया का विवरण मांगा है। उन्होंने सहायक उत्पाद आयुक्त, संबंधित अधिकारियों और JSBCL के अधिकारियों को सभी दस्तावेजों के साथ तलब किया है।
वीडियो फुटेज और रिकॉर्ड भी मांगे गए
मंत्री ने अधिकारियों से पूछा है कि एक्सपायर्ड बीयर कब, कहां और किस प्रक्रिया के तहत नष्ट की गई। इसके साथ ही पूरी कार्रवाई का वीडियो फुटेज, दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराने को कहा गया है। विभाग यह भी जांच करेगा कि बीयर नष्ट करने की पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार अपनाई गई थी या नहीं।
दुकान में एक्सपायर्ड बीयर मिलने से खुला मामला
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले बोकारो की एक शराब दुकान में ग्राहकों को एक्सपायर्ड बीयर बेचे जाने का मामला सामने आया था। दुकानदार ने भी एक्सपायर्ड बीयर मिलने पर आपत्ति दर्ज कराई थी। यह जानकारी विभागीय मंत्री तक पहुंचने के बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई। जांच में यह आशंका भी जताई जा रही है कि जितनी बीयर नष्ट करने का परमिट लिया गया था, उसका पूरा स्टॉक नष्ट नहीं किया गया।
कंपनी प्रतिनिधियों पर भी उठे सवाल
जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। बीयर नष्ट करने की प्रक्रिया में जिस कंपनी प्रतिनिधि का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज किया गया था, उससे संपर्क करने पर उसने बताया कि वह संबंधित कंपनी में काम ही नहीं करता और गुजरात में रहता है। वहीं, दूसरे प्रतिनिधि ने भी कहा कि वह काफी पहले कंपनी छोड़ चुका है। इससे पूरे मामले में संदेह और गहरा गया है कि बीयर नष्ट करने की प्रक्रिया वास्तव में हुई भी थी या नहीं।
मंत्री ने कार्रवाई के दिए संकेत
उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि बोकारो में एक्सपायर्ड बीयर बिक्री की सूचना मिलने के बाद प्रारंभिक जांच कराई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि JSBCL और जिले के संबंधित उत्पाद अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट मांगी गई है। मंत्री ने कहा कि जांच में यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी या संबंधित एजेंसी की लापरवाही अथवा संलिप्तता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पूरे मामले की विभागीय जांच जारी है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि एक्सपायर्ड बीयर वास्तव में नष्ट की गई थी या उसे अवैध रूप से बाजार में बेच दिया गया। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह झारखंड के शराब वितरण तंत्र से जुड़ा बड़ा मामला साबित हो सकता है।






