धनबाद में अब नहीं चलेगा अवैध कोयले का खेल! अमित शाह ने लागू कराई ‘जीरो कोल लीकेज योजना’
नई दिल्ली/धनबाद: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कोयला खनन तथा कोयला चोरी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ‘जीरो कोल लीकेज योजना’ लागू करने के निर्देश दिए हैं। रविवार को केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी के साथ आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को इस योजना को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया। बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, केंद्रीय कोयला सचिव, कोयला मंत्रालय, सीआईएसएफ, कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) और बीसीसीएल (BCCL) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कोयला खनन और कोयला चोरी की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
धनबाद में लागू होगी ‘जीरो कोल लीकेज योजना’
बैठक में अमित शाह ने स्पष्ट कहा कि धनबाद क्षेत्र में अवैध कोयला खनन और कोयला चोरी पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए जीरो कोल लीकेज योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य खदान से निकलने वाले कोयले की हर स्तर पर निगरानी करना, अवैध खनन रोकना और कोयले के गैरकानूनी परिवहन पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित करना है। इसके तहत संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, संयुक्त छापेमारी, अवैध मुहानों को बंद करने और कोयले की ढुलाई पर कड़ी नजर रखने की रणनीति अपनाई जाएगी।
एमएमडीआर एक्ट के तहत मिले अधिकारों का सख्ती से होगा इस्तेमाल
समीक्षा बैठक में कोयला मंत्रालय के अधिकारियों ने जानकारी दी कि अक्टूबर 2025 की समीक्षा बैठक के बाद कई अहम फैसले लागू किए गए हैं। अब सीआईएसएफ और कोल इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों को खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 (MMDR Act) के तहत कार्रवाई करने का अधिकार मिल चुका है। इन अधिकारों के तहत अधिकारी संदिग्ध स्थानों पर जाकर तलाशी ले सकेंगे, अवैध रूप से निकाले गए कोयले, मशीनों, उपकरणों और वाहनों को जब्त कर सकेंगे तथा जरूरत पड़ने पर अदालत में शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे। अमित शाह ने निर्देश दिया कि इन अधिकारों का उपयोग तय स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के अनुसार पूरी सख्ती और पारदर्शिता के साथ किया जाए।
वैध कोयले के इस्तेमाल को सुनिश्चित करने के निर्देश
गृह मंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि उद्योगों और अन्य उपभोक्ताओं तक केवल वैध रूप से खनन किया गया कोयला ही पहुंचे। उन्होंने अवैध कोयले के परिवहन पर रोक लगाने के लिए जीएसटी विभाग को भी इस अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि कोयले की ढुलाई के दौरान ई-वे बिल की नियमित जांच की व्यवस्था की जाए, ताकि अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
संवेदनशील इलाकों में हाईटेक निगरानी होगी
अमित शाह ने सीआईएसएफ को निर्देश दिया कि संवेदनशील क्षेत्रों में क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) का गठन किया जाए और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग पर भी जोर दिया। इसके तहत इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में लगे हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों की मदद से अवैध खनन वाले क्षेत्रों और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
क्या है जीरो कोल लीकेज योजना?
जीरो कोल लीकेज योजना का उद्देश्य खदान से निकलने वाले कोयले की पूरी आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी करना है। इस योजना के माध्यम से अवैध खनन, कोयले की चोरी और गैरकानूनी परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश की जाएगी। सरकार का मानना है कि तकनीक आधारित निगरानी और विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से कोयला माफियाओं पर प्रभावी शिकंजा कसा जा सकेगा।
क्या है एमएमडीआर एक्ट?
एमएमडीआर एक्ट (Mines and Minerals Development and Regulation Act, 1957) देश में खनिजों के खनन, परिवहन, भंडारण और व्यापार को नियंत्रित करने वाला प्रमुख कानून है। इस कानून के तहत बिना वैध अनुमति के खनन करना, खनिजों का परिवहन या भंडारण करना दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर भारी जुर्माना, खनिज और वाहन की जब्ती के साथ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
अवैध कोयला कारोबार पर केंद्र का बड़ा संदेश
धनबाद लंबे समय से अवैध कोयला खनन और कोयला तस्करी का केंद्र माना जाता रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार का यह फैसला केवल कानून-व्यवस्था के लिहाज से ही नहीं, बल्कि देश के ऊर्जा संसाधनों की सुरक्षा और राजस्व की रक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि जीरो कोल लीकेज योजना, हाईटेक निगरानी और विभिन्न एजेंसियों के समन्वित अभियान के जरिए धनबाद में अवैध कोयला कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।






