बांकीपुर बना बिहार की सबसे हॉट सीट! प्रशांत किशोर की एंट्री से BJP की प्रतिष्ठा दांव पर
पटना: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव अब बेहद दिलचस्प हो गया है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इस सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। उनके मैदान में उतरने के साथ ही यह उपचुनाव अब केवल एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस सीट के नतीजों पर पूरे देश की नजर रहेगी।
BJP के लिए प्रतिष्ठा की सीट क्यों है बांकीपुर?
बांकीपुर सीट लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ रही है। पहले इस सीट का प्रतिनिधित्व नवीन सिन्हा करते रहे और बाद में उनके बेटे नितिन नबीन लगातार विधायक बनकर बिहार विधानसभा पहुंचे। हाल ही में नितिन नबीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके कारण इस सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है। अब नितिन नबीन के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह सीट पार्टी के लिए और भी प्रतिष्ठा का विषय बन गई है।
प्रशांत किशोर की एंट्री से बदला चुनावी समीकरण
प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद बांकीपुर का मुकाबला पूरी तरह बदल गया है। जन सुराज के लिए यह चुनाव अपनी राजनीतिक ताकत साबित करने का बड़ा अवसर माना जा रहा है। वहीं भाजपा के लिए अपने पारंपरिक गढ़ को बचाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी। हालांकि अभी तक राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस सीट पर अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया है। ऐसे में सभी की नजर अब महागठबंधन के उम्मीदवार पर भी टिकी हुई है।
30 जुलाई को होगा मतदान
भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके अनुसार 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना होगी। चुनाव प्रक्रिया 4 अगस्त तक पूरी कर ली जाएगी।
6 जुलाई से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार उपचुनाव की अधिसूचना 6 जुलाई को जारी होगी। इसके साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उम्मीदवार 13 जुलाई तक नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 16 जुलाई तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद चुनाव मैदान में उतरने वाले उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी।
पूरे बिहार की नजर बांकीपुर पर
बांकीपुर उपचुनाव को बिहार की राजनीति का सेमीफाइनल भी माना जा रहा है। एक तरफ भाजपा अपने मजबूत गढ़ को बचाने की कोशिश करेगी, तो दूसरी ओर प्रशांत किशोर अपनी राजनीतिक ताकत और जनाधार साबित करने की चुनौती लेकर मैदान में उतरेंगे। यदि महागठबंधन भी मजबूत उम्मीदवार उतारता है, तो मुकाबला और अधिक रोचक हो सकता है। ऐसे में 30 जुलाई को होने वाला मतदान और 3 अगस्त को आने वाला परिणाम बिहार की राजनीति की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।





