रोज वैली चिटफंड घोटाला: CBI जांच के लिए 11 दिसंबर को खूंटी पहुंचेगी टीम

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खूंटी: रोज वैली चिटफंड घोटाले की जांच को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। इस बहुचर्चित घोटाले की जांच कर रही सीबीआई रांची की टीम 11 दिसंबर को खूंटी पहुंचेगी। सीबीआई अधिकारी 12 दिसंबर तक खूंटी सर्किट हाउस में कैंप करेंगे और इस दौरान रोज वैली ग्रुप में निवेश करने वाले लोगों से सीधे दस्तावेज और शिकायतें प्राप्त करेंगे।

सीबीआई अधिकारियों के खूंटी आगमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। जांच एजेंसी की मौजूदगी के दौरान रोज वैली होटल एंड इंटरटेनमेंट लिमिटेड में निवेश करने वाले पीड़ित निवेशक अपने-अपने मामलों से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज, निवेश के प्रमाण और शिकायतें सीबीआई को सौंप सकेंगे।

हाईकोर्ट के आदेश पर तेज हुई जांच
गौरतलब है कि झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सीबीआई ने रोज वैली चिटफंड घोटाले की जांच को तेज किया है। अदालत ने इस मामले में निवेशकों से ठगी, धन की हेराफेरी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसी के आलोक में सीबीआई रांची द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में निवेशकों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है।

कम समय में ज्यादा मुनाफे का लालच
रोज वैली ग्रुप पर आरोप है कि उसने देश के विभिन्न राज्यों में लोगों को कम समय में बेहतर और सुरक्षित मुनाफे का झांसा देकर निवेश कराया। इस कंपनी ने होटल, टूरिज्म और इंटरटेनमेंट सेक्टर के नाम पर निवेश योजनाएं चलाईं और बड़ी संख्या में आम लोगों की जमा पूंजी इकट्ठा की।

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जांच एजेंसियों के अनुसार, रोज वैली ग्रुप ने करीब 1078 करोड़ रुपये की राशि जुटाने के बाद निवेशकों को भुगतान बंद कर दिया और बाद में कंपनी के कर्ताधर्ता फरार हो गए।

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झारखंड के निवेशक भी हुए ठगी के शिकार
रोज वैली चिटफंड घोटाले में झारखंड के सैकड़ों निवेशक भी ठगी का शिकार हुए हैं। कई लोगों ने अपनी जीवन भर की बचत, जमीन बेचकर या कर्ज लेकर इस कंपनी में निवेश किया था। लेकिन कंपनी के डिफॉल्ट करने के बाद निवेशकों को न तो मूलधन मिला और न ही वादा किया गया रिटर्न।

अब सीबीआई के खूंटी आने से ऐसे निवेशकों में उम्मीद जगी है कि उनकी शिकायतों पर गंभीरता से सुनवाई होगी और उन्हें न्याय मिल सकेगा।

निवेशकों से अपील: साथ लाएं सभी दस्तावेज
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई निवेशकों से

  • निवेश रसीद
  • बॉन्ड या प्रमाणपत्र
  • एजेंट से जुड़े दस्तावेज
  • भुगतान का विवरण

जैसे सभी साक्ष्य साथ लाने की अपील कर रही है, ताकि जांच को मजबूत किया जा सके और रकम की ट्रैकिंग आसान हो।

रोज वैली घोटाला देश के बड़े चिटफंड घोटालों में शामिल रहा है। खूंटी में सीबीआई का कैंप यह संकेत देता है कि अब जांच सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पीड़ितों की गवाही और दस्तावेजों के आधार पर मामले को निर्णायक मोड़ पर ले जाया जाएगा। निवेशकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है, जहां वे सीधे केंद्रीय जांच एजेंसी के सामने अपनी बात रख सकते हैं।

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