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झारखंड पुलिस थानों में CCTV अनिवार्य, हाईकोर्ट का आदेश

Law and Order Jharkhand

मुख्य सचिव, DGP, गृह सचिव और IT सचिव कोर्ट में पेश; मॉनिटरिंग व्यवस्था पर भी हुई सख्त टिप्पणी

रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था और पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए बड़ा निर्देश दिया है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि राज्य के सभी थानों को पूरी तरह से सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जाए, ताकि पुलिस कार्रवाई की निगरानी और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

मंगलवार को यह आदेश उस समय जारी हुआ जब हाईकोर्ट ने प्रॉपर्टी रिएल्टी प्राइवेट लिमिटेड, शौभिक बनर्जी सहित अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई की। यह मामला पुलिस कार्रवाई की पारदर्शिता और निगरानी तंत्र की कमी से जुड़ा था।

हाईकोर्ट का सख्त रुख, शीर्ष अधिकारी तलब
पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य के शीर्ष अधिकारियों—

  • मुख्य सचिव
  • गृह सचिव
  • डीजीपी (पुलिस महानिदेशक)
  • आईटी विभाग की सचिव
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को सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया था।

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मंगलवार को सभी अधिकारी कोर्ट में उपस्थित हुए और सीसीटीवी इंस्टॉलेशन की वर्तमान स्थिति और आगे की योजना पर अपना जवाब प्रस्तुत किया।

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सभी थानों में CCTV अनिवार्य, कोर्ट ने कहा— देरी बर्दाश्त नहीं
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य के सभी थानों में—

  • प्रवेश द्वार
  • ड्यूटी ऑफिस
  • लॉकअप
  • पूछताछ कक्ष
  • परिसर के महत्वपूर्ण स्थान

पर सीसीटीवी लगाना अनिवार्य है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि सिर्फ कैमरा लगाना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उनकी रियल-टाइम मॉनिटरिंग, रिकॉर्डिंग संरक्षण, और निगरानी रिपोर्ट भी नियमित रूप से उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों का पालन जरूरी
हाईकोर्ट ने पुलिस सुधारों और नागरिक अधिकारों से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य सरकार को सख्ती से सभी दिशानिर्देशों का पालन करना होगा। विशेष रूप से अदालत ने CCTV फुटेज को कम से कम 18 महीनों तक सुरक्षित रखने के नियम पर जोर दिया।

कई थानों में कैमरे न चलने, रिकॉर्डिंग न मिलने और तकनीकी खामियों को लेकर कोर्ट ने नाराज़गी जताई।

अगली सुनवाई में प्रगति रिपोर्ट मांगी
अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि—

  • थाना-स्तर पर कितने कैमरे लगाए गए?
  • कितने कार्यरत हैं?
  • कितने स्थानों पर अभी इंस्टॉलेशन बाकी है?
  • निगरानी तंत्र की जिम्मेदारी किस विभाग को दी गई है?

इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत प्रगति रिपोर्ट पेश की जाए।

क्यों ज़रूरी है फैसले का पालन?
सीसीटीवी लगाने के पीछे मुख्य उद्देश्य—

  • पुलिस कार्रवाई में पारदर्शिता बढ़ाना
  • आरोपों की जांच में मदद
  • कस्टोडियल टॉर्चर रोकना
  • नागरिकों में विश्वास बढ़ाना

हाईकोर्ट के इस आदेश को झारखंड में कानून-व्यवस्था सुधार की एक बड़ी पहल माना जा रहा है।

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