Durga Puja
tulsyan

पूर्व डीसी छवि रंजन का निलंबन खत्म, राज्य सरकार ने किया बहाल — जल्द मिलेगी नई पोस्टिंग

Suspension Lifted

रांची: झारखंड की राजधानी रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन को बड़ी राहत मिली है। राज्य सरकार ने उनका निलंबन आदेश रद्द करते हुए सस्पेंशन खत्म कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि छवि रंजन का निलंबन 14 अक्टूबर 2025 से समाप्त माना जाएगा, यानी उसी दिन से जब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी।

सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद मिली राहत
गौरतलब है कि ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने छवि रंजन को रांची लैंड स्कैम (भूमि घोटाले) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था। कई महीने जेल में बिताने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अक्टूबर माह में सशर्त जमानत दी थी। इसके बाद उन्होंने राज्य सरकार से निलंबन समाप्त करने का अनुरोध किया था। राज्य सरकार ने उनकी अर्जी पर विचार करते हुए यह फैसला लिया है।

जल्द हो सकती है नई पदस्थापना
सस्पेंशन हटने के बाद अब यह माना जा रहा है कि छवि रंजन को जल्द ही किसी नए विभाग या पद पर पोस्टिंग मिल सकती है। सूत्रों का कहना है कि कार्मिक विभाग इस पर मुख्यमंत्री की स्वीकृति का इंतजार कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, “अब जब निलंबन समाप्त हो गया है, तो उनकी सेवाएं फिर से सक्रिय मानी जाएंगी।”

shrawani mela

पृष्ठभूमि — लैंड स्कैम में फंसे थे छवि रंजन
पूर्व डीसी छवि रंजन पर आरोप है कि उन्होंने रांची के कई सरकारी और खासमहल भूमि को प्रभावशाली लोगों के नाम पर अवैध तरीके से ट्रांसफर कराया था।

happy Teacher Day

ईडी ने इस मामले में छवि रंजन समेत कई रजिस्ट्री ऑफिस कर्मियों, दलालों और कारोबारीयों से पूछताछ की थी। उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मामला दर्ज है।

resizone-elanza
rlifecare

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
छवि रंजन का निलंबन खत्म होने के बाद राजनीतिक हलकों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विपक्ष ने पहले ही लैंड स्कैम मामले को लेकर सरकार पर “शिथिल रवैया” अपनाने का आरोप लगाया था।

अब निलंबन हटने के बाद सरकार के निर्णय पर निगाहें टिक गई हैं कि उन्हें किस पद पर और कब नियुक्त किया जाएगा। पूर्व डीसी छवि रंजन के लिए यह फैसला बड़ी प्रशासनिक राहत लेकर आया है। सुप्रीम कोर्ट से जमानत और अब राज्य सरकार से निलंबन हटना उनके लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। अब देखना यह होगा कि झारखंड सरकार उन्हें कौन-सी नई जिम्मेदारी सौंपती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *