सरायकेला में आकांक्षी प्रखंड योजनाओं की समीक्षा
सरायकेला: सरायकेला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आकांक्षी प्रखंड सरायकेला, गम्हरिया और कुकड़ू में संचालित योजनाओं एवं गतिविधियों की अद्यतन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उपविकास आयुक्त रीना हांसदा, निदेशक DRDA डॉ. अजय तिर्की, जिला योजना पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, एलडीएम सहित तीनों आकांक्षी प्रखंडों के जिला एवं प्रखंड समन्वयक उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य फोकस स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और समग्र सामाजिक विकास से जुड़े Key Performance Indicators (KPIs) की प्रगति पर रहा। उपायुक्त ने विभागवार प्रस्तुतियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए विभागों को मैदान में अधिक सक्रियता प्रदर्शित करनी होगी और प्रगति को समयबद्ध रूप से बेहतर करना होगा।

आंगनबाड़ी केंद्रों व विद्यालयों के निरीक्षण में तेजी लाने का निर्देश
उपायुक्त ने बाल विकास परियोजना अधिकारियों (CDPOs), पर्यवेक्षकों (LS) और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि—
- सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित और साप्ताहिक निरीक्षण अनिवार्य है।
- विद्यालयों का निरीक्षण बीआरपी, सीआरपी और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों द्वारा नियमित रूप से किया जाए।
उन्होंने कहा कि पोषाहार, प्री-स्कूल शिक्षा, आधारभूत संरचना, पेयजल, शौचालय और बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं का फील्ड में भौतिक सत्यापन अत्यंत आवश्यक है। यदि किसी भी केंद्र या स्कूल में कमियां पाई जाती हैं तो संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने होंगे।
स्वास्थ्य क्षेत्र में KPI सुधार पर विशेष जोर
उपायुक्त ने तीनों आकांक्षी प्रखंडों में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सूचकांकों—जैसे टीकाकरण, मातृ स्वास्थ्य, पोषण स्तर, एनीमिया की स्थिति, जन्म-पंजीकरण एवं स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव—की विस्तृत समीक्षा की।
उन्होंने सिविल सर्जन एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि—
- VHND (Village Health and Nutrition Day) की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखें।
- अधिकतम गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तक पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं की सुनिश्चित पहुंच हो।
- एनिमिया मुक्त झारखंड अभियान को वरीय प्राथमिकता दें।

डेटा अपडेट और पोर्टल अपलोडिंग में सख्ती
उपायुक्त ने कहा कि आकांक्षी जिलों और प्रखंडों के लिए डेटा की सटीकता तथा समय पर पोर्टल अपलोडिंग अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया—
- सभी योजनाओं का डेटा प्रतिदिन अपडेट किया जाए।
- निर्धारित पोर्टल पर सप्ताहिक आधार पर पूर्ण डेटा अपलोड अनिवार्य है।
- किसी भी प्रकार की देरी या त्रुटि को गंभीरता से लिया जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्रीय एवं राज्य स्तर पर मासिक समीक्षा रिपोर्ट इसी डेटा पर निर्भर होती है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
आकांक्षी प्रखंडों में समन्वित कार्य संस्कृति पर जोर
बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण जीवन स्तर में तेज, प्रभावी और व्यापक सुधार लाना है।
इसलिए सभी विभागों को—
- आपसी समन्वय बढ़ाने,
- संयुक्त फील्ड विजिट करने,
- लाभुकों की वास्तविक आवश्यकता का अध्ययन करने, और योजनाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक साथ लक्ष्य-आधारित कार्ययोजना बनाकर कार्य करना होगा।
उपायुक्त ने कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब क्रियान्वयन समन्वित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण हो।
जनहित से जुड़ी योजनाओं को समय पर पूरा करने की अपील
बैठक के अंत में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने सभी पदाधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा—“आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं में से है। हम सभी की जिम्मेदारी है कि लक्ष्यों की प्राप्ति में किसी प्रकार की देरी न हो और प्रत्येक लाभुक तक सरकारी योजनाओं का लाभ तय समय में पहुंचे।”








