“महिला विधायकों के चेहरे चमकने लगे…” इरफान अंसारी के बयान पर सियासी बवाल
राज्यसभा चुनाव के बीच महिला विधायकों पर की गई टिप्पणी को लेकर विपक्ष हमलावर
रांची: झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर पहले से जारी सियासी गर्मी के बीच स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का एक बयान नया विवाद खड़ा कर गया है। अपने बेबाक और आक्रामक बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाले मंत्री इस बार महिला विधायकों को लेकर की गई टिप्पणी के कारण विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। राज्यसभा चुनाव को लेकर आयोजित एक कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री ने भाजपा विधायकों पर निशाना साधते हुए ऐसा बयान दिया, जिसे विपक्ष ने महिलाओं के सम्मान और गरिमा के खिलाफ बताया है। बयान सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक इसकी चर्चा तेज हो गई है।
क्या कहा मंत्री ने?
राज्यसभा चुनाव से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायकों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। इसी दौरान उन्होंने कहा कि पुरुष विधायकों के साथ-साथ महिला विधायकों के चेहरों पर भी ऐसी चमक दिखाई दे रही थी, मानो उनके घरों में एक साथ दशहरा और दिवाली आ गई हो। मंत्री की इस टिप्पणी को लेकर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। भाजपा नेताओं का कहना है कि एक संवैधानिक पद पर बैठे मंत्री को सार्वजनिक मंच पर शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए।
भाजपा ने बोला हमला
मंत्री का बयान सामने आने के बाद भाजपा ने इसे महिलाओं के प्रति असम्मानजनक और आपत्तिजनक करार दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि महिला जनप्रतिनिधियों के चेहरे और भाव-भंगिमाओं को लेकर इस तरह की टिप्पणी राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि यह बयान महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है और एक मंत्री से ऐसी भाषा की अपेक्षा नहीं की जा सकती।
पूर्णिमा दास ने दी तीखी प्रतिक्रिया
भाजपा विधायक पूर्णिमा दास ने भी मंत्री के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह बयान राजनीतिक हताशा और निराशा का परिणाम है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेताओं को पुराने विवादों की याद दिलाते हुए कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले उन्हें अपने आचरण पर भी नजर डालनी चाहिए। पूर्णिमा दास ने कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों के सम्मान से जुड़ा कोई भी मुद्दा राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बयान
मंत्री के बयान का वीडियो और उससे जुड़ी क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थक और आम लोग भी इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। जहां कांग्रेस समर्थक इसे राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा बता रहे हैं, वहीं विपक्षी दल इसे महिलाओं के सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बता रहे हैं।
विपक्ष ने मांगी सार्वजनिक माफी
भाजपा सहित विपक्षी दलों ने डॉ. इरफान अंसारी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि मंत्री को अपने बयान पर स्पष्टीकरण देना चाहिए और यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें खेद व्यक्त करना चाहिए।
राज्यसभा चुनाव के बीच बढ़ सकता है विवाद
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान सामने आया यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है। झारखंड में पहले ही राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गरम है और ऐसे समय में नेताओं के बयान चुनावी बहस का नया मुद्दा बन सकते हैं। फिलहाल मंत्री के बयान को लेकर सियासत तेज हो गई है और अब सभी की नजर इस बात पर है कि डॉ. इरफान अंसारी इस विवाद पर आगे क्या प्रतिक्रिया देते हैं।






