ग्रामीण विकास योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश, हेमंत सोरेन बोले- अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे लाभ

Rural Development Review

अबुआ आवास, सखी मंडल विस्तार, महिला स्वावलंबन और जल संचय योजनाओं की मुख्यमंत्री ने की विस्तृत समीक्षा

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड मंत्रालय में ग्रामीण विकास विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों और 2026-27 की कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता विकास की राह में खड़े अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतें राज्य के विकास की पहली कड़ी हैं और इन्हें सशक्त बनाकर ही ग्रामीण क्षेत्रों में वास्तविक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

ग्रामीण आवास योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर आवास योजना की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में ऐसे सभी पात्र लाभुकों की पहचान की जाए जो अब भी आवासविहीन हैं या जर्जर मिट्टी के घरों में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि सभी ग्रामीण आवास योजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि जरूरतमंदों को जल्द से जल्द पक्का घर उपलब्ध कराया जा सके।

सखी मंडलों के विस्तार पर जोर
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) को महिला स्वयं सहायता समूहों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सखी मंडलों की भूमिका बेहद अहम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को केवल खेती तक सीमित न रखकर सोलर पावर उत्पादन, प्रोसेसिंग और अन्य आधुनिक गतिविधियों से जोड़ा जाए ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।अधिकारियों ने बैठक में बताया कि राज्य में 5 हजार नए सखी मंडल गठित करने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे करीब 60 हजार परिवारों को जोड़ा जाएगा।

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महिलाओं को व्यापक सहयोग देने की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी माताओं-बहनों को व्यापक सहयोग दिया जाए ताकि वे नए क्षेत्रों में आगे बढ़ सकें और दूसरों के लिए मिसाल बन सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि SHG उत्पादों की मैपिंग कर बाजार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारियों को सौंपी जाए।

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पलाश मार्ट के विस्तार की योजना
मुख्यमंत्री ने राज्य और राज्य के बाहर महिला समूहों द्वारा तैयार उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों के प्रमुख स्थानों पर भी पलाश मार्ट जैसे बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएं। अधिकारियों ने जानकारी दी कि कांके रोड स्थित नया पलाश मार्ट भवन अंतिम चरण में है और इस वर्ष छह नए पलाश मार्ट स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।

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जल संचय और लिफ्ट इरीगेशन पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने लिफ्ट इरीगेशन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि जल संचय वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्राम पंचायतों में बैठक कर ग्रामीणों को वाटर मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा जाए और जल संचय योजनाओं को तेज गति से लागू किया जाए।

बिरसा हरित ग्राम योजना को मिलेगा विस्तार
मुख्यमंत्री ने मनरेगा अंतर्गत संचालित बिरसा हरित ग्राम योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली प्रभावी योजना है। उन्होंने किसानों को बागवानी के लिए प्रेरित करने और जिलावार डाटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया ताकि योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

कई योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना, बिरसा विशिष्ट जनजातीय विकास योजना, युवा कौशल योजना और वाटरशेड योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं की सफलता तभी संभव है जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ काम करें।

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