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जल्द जारी होंगे 15वें वित्त आयोग के अनुदान: झारखंड को बड़ी राहत

15th Finance Commission grants will be released soon 15th Finance Commission grants will be released soon
Tulsyan

नई दिल्ली: झारखंड सरकार को 15वें वित्त आयोग के अनुदान की अगली किस्त जल्द मिलने की उम्मीद है। इस संबंध में नई दिल्ली में एक अहम बैठक हुई, जिसमें झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह और भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय के सचिव आमने-सामने बैठे। बैठक में ग्राम पंचायतों के सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को नई गति देने पर गहन चर्चा हुई।

दीपिका पांडे सिंह ने बैठक में साफ कहा कि झारखंड सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करना और पंचायतों को विकास का केंद्र बनाना है। उन्होंने केंद्र से अपेक्षा जताई कि 15वें वित्त आयोग का अनुदान जल्द जारी हो, ताकि गांव-गांव तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंच सके।

पंचायतों को मिलेगा विकास का इंजन
मंत्री ने कहा कि अनुदान जारी होने के बाद ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को गति मिलेगी। गांवों में सड़क, पुल-पुलिया, पेयजल, सिंचाई, बिजली और शिक्षा जैसी योजनाओं को मजबूती से लागू किया जा सकेगा। खासतौर पर पंचायत स्तर पर रोजगार सृजन और स्वच्छता अभियान को बढ़ावा मिलेगा।

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केंद्रीय सचिव ने बैठक में सकारात्मक पहल का आश्वासन देते हुए कहा कि मंत्रालय झारखंड सरकार की मांगों पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

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डिजिटलाइजेशन और सोलराइजेशन पर जोर
बैठक के दौरान कई अन्य प्रस्ताव भी रखे गए। इनमें शामिल हैं –

  • आरजीएसए (राज्य ग्राम स्वराज अभियान) के अंतर्गत अतिरिक्त फंड सहायता
  • पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स 2.0 के तहत प्रशिक्षण
  • सैटेलाइट आधारित दूरस्थ शिक्षा सुविधा
  • ग्राम पंचायतों का सोलराइजेशन
  • यूनिफाइड पंचायत डिजिटलाइजेशन

इन योजनाओं से झारखंड के पंचायत भवनों में तकनीकी सुविधाएं बेहतर होंगी और डिजिटल शासन प्रणाली को मजबूती मिलेगी।

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हेमंत सरकार की रणनीति
हेमंत सोरेन सरकार लगातार यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि ग्राम पंचायतें उसकी विकास नीति का केंद्र बिंदु हैं। पंचायत चुनाव के पहले इस तरह का संदेश देना ग्रामीण वोटरों को साधने की कोशिश भी माना जा रहा है। वहीं, विपक्ष इस पूरे मामले में सरकार पर दबाव बना सकता है। भाजपा बार-बार यह आरोप लगाती रही है कि हेमंत सरकार केंद्र से मिलने वाली योजनाओं के पैसे का सही उपयोग नहीं करती। ऐसे में अनुदान जारी होने के बाद विपक्ष सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा सकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंचायत स्तर पर धन का प्रवाह बढ़ने से सीधे महिला मतदाताओं और ग्रामीण परिवारों पर सकारात्मक असर पड़ेगा, क्योंकि पंचायतों में महिला प्रतिनिधियों की भूमिका अब निर्णायक हो चुकी है।

बैठक में कौन-कौन रहे शामिल
बैठक के दौरान ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह के साथ विभागीय सचिव मनोज कुमार (IAS), निदेशक (पंचायती राज, झारखंड) राजेश्वरी बी., और भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय के Director (Capacity Building) विपुल उज्जवल समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

15वें वित्त आयोग का अनुदान जारी होने से झारखंड के ग्रामीण इलाकों में आर्थिक संसाधनों का प्रवाह तेज होगा। इससे न केवल आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी बल्कि पंचायत स्तर पर लोकतांत्रिक सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा। हेमंत सरकार के लिए यह राहत की खबर है, वहीं विपक्ष इस मौके पर सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठा सकता है।

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