307 करोड़ के MLM घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, मैक्सिजोन टच के डायरेक्टर दंपती गिरफ्तार
307 करोड़ के चिटफंड-MLM नेटवर्क का पर्दाफाश
Ranchi: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मल्टी लेवल मार्केटिंग (MLM) के नाम पर चल रहे एक बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा करते हुए एम/एस मैक्सिजोन टच प्रा. लि. के निदेशक चंद्र भूषण सिंह और उनकी पत्नी प्रियंका सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। ईडी की यह कार्रवाई झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर की गई, जिनमें आम जनता से धोखाधड़ी के गंभीर आरोप सामने आए थे।
ईडी के अनुसार, यह दंपती लंबे समय से कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचते हुए फरार चल रहा था और फर्जी पहचान के सहारे अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा था।
हर महीने मोटे मुनाफे का लालच, 21 खातों में जमा हुए 307 करोड़
ईडी की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एक संगठित और सुनियोजित MLM स्कीम चलाई, जिसमें निवेशकों को हर महीने ऊंचे रिटर्न और आकर्षक रेफरल बोनस का झांसा दिया गया। इसी लालच में हजारों लोगों ने अपनी जमा पूंजी निवेश कर दी।
इस स्कीम के जरिए आरोपियों ने 21 से अधिक बैंक खातों में करीब 307 करोड़ रुपये जमा कराए, जिसे ईडी ने अपराध से अर्जित धन (Proceeds of Crime) माना है।
बेनामी संपत्तियों के जरिए काले धन को बनाया सफेद
ईडी ने अपनी जांच में यह भी पाया कि इस अवैध धन को बेनामी रियल एस्टेट डील्स के जरिए सफेद किया गया। कई संपत्तियां तीसरे व्यक्तियों के नाम पर खरीदी गईं और बाद में उन्हें नकद में बेच दिया गया।
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने नकली पहचान पत्रों का इस्तेमाल किया और ‘दीपक सिंह’ जैसे फर्जी नामों से अलग-अलग राज्यों में ठिकाने बदलते रहे।
देशभर में ED की ताबड़तोड़ छापेमारी
इस मामले में ईडी ने 16 सितंबर और 3 दिसंबर 2025 को दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, वैशाली (बिहार), रांची और देहरादून सहित कई शहरों में एक साथ छापेमारी की। तलाशी पीएमएलए एक्ट 2002 की धारा 17 के तहत की गई।
छापेमारी के दौरान ईडी ने नकली आईडी कार्ड, हस्तलिखित डायरियां, कैश ट्रांजैक्शन से जुड़े नोट्स, करीब 10 लाख रुपये नकद, लैपटॉप, मोबाइल फोन, खातों की बही, सहयोगियों की सूची और करीब 15 हजार अमेरिकी डॉलर मूल्य की क्रिप्टो करेंसी (USDT) जब्त की।
विशेष कोर्ट ने ED हिरासत में भेजा
ईडी ने चंद्र भूषण सिंह को रांची स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया, जहां कोर्ट ने उन्हें पांच दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया। इस दौरान एजेंसी आरोपियों से गहन पूछताछ कर मनी ट्रेल, निवेशकों की संख्या और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाएगी।
हजारों निवेशकों के लिए बड़ा झटका
मैक्सिजोन टच से जुड़े इस घोटाले को झारखंड के सबसे बड़े MLM फ्रॉड मामलों में गिना जा रहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस केस में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है। ईडी अब यह भी जांच कर रही है कि घोटाले की रकम किन-किन राजनीतिक, प्रशासनिक या कारोबारी नेटवर्क तक पहुंची।






