रांची में ठंड का प्रकोप बढ़ा: तापमान में गिरावट, पछुआ हवाओं से बढ़ी कनकनी
पछुआ हवाओं ने बढ़ाई सर्दी, सुबह से महसूस हुई तेज ठिठुरन
रांची: राजधानी रांची की मंगलवार की सुबह बर्फीली हवा ने लोगों को ठिठुरा दिया। उत्तर–पश्चिम दिशा से लगातार बह रही पछुआ हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। सुबह में कनकनी इतनी तेज थी कि लोग गर्म कपड़ों के बिना घर से बाहर निकल ही नहीं पा रहे थे। हवा की रफ्तार सामान्य से कम होने के बावजूद इसका प्रभाव काफी तीखा रहा, जिससे पूरे दिन शीतलहर जैसा अहसास बना रहा।
तापमान में तेज गिरावट, सामान्य से नीचे गया न्यूनतम पारा
मौसम विभाग के अनुसार रांची का न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री गिरकर 11.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो सामान्य से करीब एक डिग्री कम है। अधिकतम तापमान में भी गिरावट देखी गई और यह 24.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.6 डिग्री कम है। विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में तापमान में और गिरावट हो सकती है और रात का पारा 2 डिग्री तक नीचे जा सकता है, जिससे ठिठुरन और बढ़ने की संभावना है।
दिन में हल्की धूप, लेकिन शाम होते ही लौट आया सर्द हवाओं का प्रकोप
दोपहर के समय धूप ने कुछ राहत जरूर दी, लेकिन दिनभर आसमान में हल्के बादल मंडराते रहे। धूप और बादलों के बीच की इस आंखमिचौली ने मौसम को और ठंडा बनाए रखा। शाम होते–होते जैसे ही सूरज ढला, हवा में ठंडक अचानक बढ़ गई और तापमान तेजी से नीचे गिरने लगा। इसके बाद लोगों को घरों में हीटर और अलाव का सहारा लेना पड़ा।
अगले तीन दिनों में मौसम बदलेगा, बादल बढ़ने से मिलेगी राहत
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि 48 घंटों तक ठंड का असर लगातार बढ़ेगा, लेकिन इसके बाद मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। बंगाल की खाड़ी की ओर विकसित हो रहे मौसम तंत्र के कारण झारखंड के आसमान में बादल छाने लगेंगे। बादलों की उपस्थिति रात में तापमान को बढ़ा देगी और अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में लगभग 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे सर्दी की तीव्रता में थोड़ी कमी आने की उम्मीद है।
भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका मैच पर भी पड़ेगा मौसम का असर
रांची के जेएससीए स्टेडियम में 30 नवंबर को होने वाले भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच पर भी मौसम की यह बदलती स्थिति प्रभाव डाल सकती है। मैच वाले दिन बादल छाए रहने की संभावना है, हालांकि बारिश की आशंका कम है। मौसम विभाग ने बताया कि बादल रहने से गेंद स्विंग कर सकती है और पिच का व्यवहार भी बदल सकता है। इसलिए खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए यह परिस्थितियाँ महत्वपूर्ण होंगी।
ठंड से जनजीवन प्रभावित, बढ़ी अलाव और गर्म कपड़ों की मांग
अचानक से बढ़ी ठंड ने रांची के बाजारों में गर्म कपड़ों की बिक्री बढ़ा दी है। ऊनी स्वेटर, मफलर, दस्ताने और जैकेट की मांग तेजी से बढ़ी है। शाम के समय चाय, कॉफी और गरम नाश्ते की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। ऑफिस जाने वाले लोगों से लेकर रिक्शा चालकों और मजदूरों तक—हर कोई ठंड से बचाव के इंतज़ाम जुटाता दिखाई दिया। कई इलाकों में स्थानीय लोगों ने सामूहिक रूप से अलाव भी जलाए।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए जारी की गई सलाह, सावधानी जरूरी
मौसम विभाग ने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार सुबह–शाम तापमान में तीव्र उतार–चढ़ाव देखते हुए लोगों को गर्म कपड़ों का सही उपयोग करना चाहिए। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए अभिभावकों को विशेष सतर्कता अपनाने को कहा गया है। साथ ही, घरों में वेंटिलेशन बनाए रखते हुए हीटर या अग्नि स्रोतों का सुरक्षित उपयोग जरूरी बताया गया है।
AQI भी गिरा, प्रदूषण के साथ बढ़ी सर्दी की मार
रांची और आसपास के जिलों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) भी खराब श्रेणी में बना हुआ है। रांची का AQI मंगलवार को 222 रिकॉर्ड किया गया, जो स्वास्थ के लिए हानिकारक स्तर माना जाता है। प्रदूषण और ठंड का यह मिश्रण सांस और हृदय संबंधी रोगियों के लिए अधिक खतरनाक है। विशेषज्ञों ने ऐसी परिस्थितियों में सुबह और शाम बाहरी गतिविधियों को सीमित रखने की सलाह दी है।
आने वाले दिनों में ठंड के और बढ़ने की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो चुकी है, जिसका सीधा प्रभाव झारखंड पर पड़ रहा है। ठंडी उत्तरी हवाएँ राज्य की ओर बढ़ रही हैं और अगले सप्ताह तक इनके लगातार सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि दिसंबर की शुरुआत से सर्दी का दूसरा चरण और अधिक तीव्र हो सकता है।








