कुष्ठ रोग पहचान अभियान 10 से 26 नवंबर तक चलेगा, स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां की पूरी
हिरणपुर (पाकुड़): घाघरजानि स्थित प्रखंड कार्यालय सभागार में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से बैठक आयोजित की गई। बैठक में सेविकाओं और स्वास्थ्यकर्मियों को कुष्ठ रोग पहचान अभियान को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) टुडू दिलीप ने की। उन्होंने बताया कि यह अभियान 10 से 26 नवंबर तक पूरे प्रखंड क्षेत्र में चलाया जाएगा।
घर-घर सर्वे करेंगे स्वास्थ्य कर्मी
अभियान के दौरान हिरणपुर प्रखंड के 118 गांवों में सहिया और स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर सर्वेक्षण कार्य करेंगे। इस अभियान का उद्देश्य है कि कुष्ठ रोग से पीड़ित संभावित मरीजों की जल्द पहचान कर उनका उपचार सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही ग्रामीणों को कुष्ठ रोग के लक्षण, सावधानियों और उपलब्ध इलाज के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
जहां सहिया नहीं, वहां सेविका करेंगी पहचान
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जिन गांवों में सहिया उपलब्ध नहीं हैं, वहां सेविका द्वारा पहचान कार्य किया जाएगा। प्रखंड स्तर पर अभियान की निगरानी बीपीएम (ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर) करेंगे।
सही डेटा संकलन पर जोर
बीपीएम ने सभी स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिया कि सर्वेक्षण के दौरान सतर्कता बरतें और सही डेटा संकलित करें।
उन्होंने कहा कि —
![]()
![]()
“कुष्ठ रोग पूरी तरह उपचार योग्य बीमारी है। यदि समय पर पहचान हो जाए, तो मरीज को पूर्ण रूप से ठीक किया जा सकता है।”
ग्रामीणों से सहयोग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे सर्वे के दौरान सहयोग करें और सही जानकारी प्रदान करें। कोई भी व्यक्ति यदि कुष्ठ रोग से पीड़ित है, तो बीमारी छिपाने के बजाय आगे आए और मुफ्त इलाज प्राप्त करे। विभाग का कहना है कि इस अभियान से क्षेत्र में कुष्ठ रोग की रोकथाम और नियंत्रण को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।



