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बोकारो स्टील प्लांट में हादसा: ठेका मजदूर गंभीर रूप से झुलसा, जांच शुरू

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बोकारो/झारखंड: राज्य के औद्योगिक गौरव माने जाने वाले बोकारो स्टील प्लांट (SAIL) में एक बार फिर हादसा हुआ है। इस बार SSD विभाग में कार्यरत 31 वर्षीय ठेका मजदूर अमन मरांडी आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए।

जानकारी के अनुसार, अमन मरांडी S.N. Enterprises कंपनी के अधीन कार्यरत थे और सोमवार को अपने नियमित काम में व्यस्त थे, तभी अचानक वहां आग लग गई। देखते ही देखते लपटों ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के दौरान मौके पर मौजूद अन्य कर्मियों ने किसी तरह उन्हें बाहर निकाला।

शरीर का बड़ा हिस्सा जला, हालत गंभीर
आग में झुलसने के बाद अमन को तत्काल प्लांट के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बोकारो जनरल अस्पताल (BGH) रेफर किया गया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, उनके हाथ, चेहरा और शरीर के कई हिस्से बुरी तरह से जल गए हैं और फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।

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डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत गंभीर बनी हुई है लेकिन वे खतरे से बाहर हैं।

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लगातार हादसों से सवालों के घेरे में प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था
यह पहली बार नहीं है जब बोकारो स्टील प्लांट में काम के दौरान कोई हादसा हुआ हो।
प्लांट के कई विभागों में सुरक्षा उपकरणों की अनुपलब्धता, तकनीकी लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर पूर्व में भी कई बार सवाल उठ चुके हैं।

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हाल ही में बोकारो के उपायुक्त द्वारा चास एसडीएम को प्लांट में हुई पिछली दुर्घटनाओं की जांच का जिम्मा सौंपा गया था। अब यह ताज़ा मामला भी उसी जांच के दायरे में शामिल किया जा रहा है ताकि पता चल सके कि यह हादसा मानवीय भूल थी या सुरक्षा मानकों की कमी का नतीजा।

प्रशासन और कंपनी की प्रतिक्रिया
घटना के बाद प्लांट प्रबंधन ने कहा है कि घायल कर्मचारी को तुरंत चिकित्सा सहायता दी गई है और घटना की आंतरिक जांच (Internal Inquiry) शुरू कर दी गई है। वहीं, बोकारो जिला प्रशासन ने भी इस हादसे पर गंभीरता दिखाते हुए रिपोर्ट तलब की है।

सूत्रों के मुताबिक, उपायुक्त ने निर्देश दिया है कि

“हर औद्योगिक इकाई में सुरक्षा मानकों की सख्ती से निगरानी की जाए, ताकि मजदूरों की जान जोखिम में न पड़े।”

मजदूरों में आक्रोश, सुरक्षा सुधार की मांग
इस हादसे के बाद ठेका मजदूरों में नाराजगी है। उनका कहना है कि “हर बार हादसे के बाद जांच होती है, पर सुरक्षा व्यवस्था में कोई स्थायी सुधार नहीं होता।”

श्रमिक संगठनों ने मांग की है कि

“घायल मजदूर को उचित मुआवजा मिले और विभागीय जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए।”

बोकारो स्टील प्लांट जैसी प्रतिष्ठित औद्योगिक इकाई में लगातार हो रहे हादसे अब सुरक्षा संस्कृति (Safety Culture) पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहे हैं। प्रशासनिक जांच भले शुरू हो गई हो, लेकिन सबसे अहम सवाल यह है कि —
क्या इस बार हादसे के बाद सुधार होगा, या फिर एक और जांच रिपोर्ट फाइलों में दबी रह जाएगी?

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