प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को दी श्रद्धांजलि, कहा– “आदिवासी समाज के लिए प्रेरणा-स्रोत रहेंगे गुरुजी”

Pm Narendra Modi paid emotional tribute to Shibu Soren Pm Narendra Modi paid emotional tribute to Shibu Soren

रांची/दिल्ली : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, भारत के वरिष्ठतम जनजातीय नेता और झारखंड आंदोलन के पुरोधा शिबू सोरेन के निधन के बाद पूरा राज्य शोक में डूबा है। अस्पताल में रखे उनके पार्थिव शरीर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने शिबू सोरेन जी के परिजनों से मुलाक़ात कर गहरी संवेदना प्रकट की। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन भी उपस्थित रहीं।

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा–

“शिबू सोरेन जी का सम्पूर्ण जीवन जनजातीय समाज के कल्याण और अधिकारों के लिए संघर्ष से भरा रहा। वे न केवल झारखंड, बल्कि पूरे देश के लिए आदिवासी नेतृत्व का प्रतीक थे। उनका योगदान राष्ट्र कभी नहीं भूल सकता।” : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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शिबू सोरेन: संघर्ष और समर्पण का जीवन

  • जन्म: 11 जनवरी 1944, नेमरा गांव, बोकारो
  • झारखंड आंदोलन के सबसे मजबूत नेताओं में से एक
  • झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक अध्यक्ष
  • केंद्र और राज्य सरकारों में कई बार मंत्री एवं मुख्यमंत्री
  • आदिवासी अधिकारों, वनभूमि सुरक्षा, और संसाधनों पर जन अधिकार के लिए आजीवन संघर्ष किया
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राज्य की राजनीति में गहराई तक छाई गुरुजी की छवि

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झारखंड की राजनीति में शिबू सोरेन का नाम संवेदना, संघर्ष और समर्पण के पर्याय के रूप में लिया जाता रहा है। उनके निधन को राज्य के लिए एक युग की समाप्ति कहा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिबू सोरेन की राजनीतिक विरासत को संभालना आने वाली पीढ़ी के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी होगी।

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा

“पिता के रूप में आपने जो मूल्य दिए, उन्हें जनसेवा में उतारने का प्रयास करूंगा। यह झारखंड की सबसे बड़ी क्षति है।” : हेमंत सोरेन

शिबू सोरेन का जीवन प्रेरणादायक था। उन्होंने जिस सादगी और समर्पण से झारखंड को नई पहचान दी, वह इतिहास के पन्नों में अमर रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी गई श्रद्धांजलि ने इस बात को और मजबूत किया कि “गुरुजी” सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता के प्रतीक थे।

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