रांची: सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) मुख्यालय, रांची में शनिवार को कोल इंडिया लिमिटेड का 51वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। अवसर पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें कंपनी के शीर्ष अधिकारी, कर्मचारी और श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा और निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी द्वारा शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर वीर शहीद कोल कर्मियों को श्रद्धांजलि देने से हुई। इसके बाद कोल इंडिया और सीसीएल के ध्वज का झंडोत्तोलन किया गया।
स्थापना दिवस पर एकता और ऊर्जा का संदेश ध्वजारोहण के बाद कोल इंडिया गीत प्रस्तुत किया गया और रंग-बिरंगे गुब्बारे उड़ाकर एकता, ऊर्जा और उत्साह का प्रतीक संदेश दिया गया। इस अवसर पर निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा ने सभी कर्मियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं और कहा —
“कोल इंडिया के कर्मी अपने मूल्यों और परंपराओं को याद करते हुए भविष्य की दिशा तय करते हैं। कोयला, न्यूक्लियर और पेट्रोलियम देश की ऊर्जा के तीन प्रमुख स्रोत हैं, जिनमें लगभग 80 प्रतिशत योगदान कोयले और कोल इंडिया का है। कोल इंडिया और सीसीएल देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए कृतसंकल्पित हैं।”
तकनीक और नवाचार की राह पर अग्रसर कोल इंडिया वहीं निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी ने कहा —
“कोल इंडिया निरंतर प्रगति, नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता का प्रतीक रहा है। हमने पिछले 51 वर्षों में आधुनिक मशीनों और अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाते हुए नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। हमारी यात्रा विकास की एक निरंतर प्रेरक कहानी है, क्योंकि ‘डेवलपमेंट इज नेवर एंडिंग।’”
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में सीसीएल उत्पादन और सुरक्षा मानकों को और ऊंचा उठाएगा तथा सतत ऊर्जा आपूर्ति में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
शहीद कर्मियों को नमन समारोह के दौरान कोल इंडिया और सीसीएल के शहीद कर्मियों को नमन किया गया। उनके योगदान को याद करते हुए अधिकारियों ने कहा कि इन कर्मियों के परिश्रम और समर्पण से ही आज कोल इंडिया विश्व की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी के रूप में स्थापित है। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारी, कर्मचारी और श्रमिक संगठन के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने कोल इंडिया और सीसीएल के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।