झारखंड के सभी जिलों को 100% डिजिटल हेल्थ लक्ष्य पूरा करने का निर्देश
रांची: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) की नवंबर माह की राज्य स्तरीय समीक्षात्मक बैठक बुधवार को राज्य अभियान निदेशक श्री बिद्यानंद शर्मा पंकज की अध्यक्षता में नामकुम स्थित ABDM राज्य मुख्यालय में आयोजित की गई। बैठक में राज्य के सभी 24 जिलों के मिशन अधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों और तकनीकी नोडल कर्मियों ने भाग लिया।
बैठक का उद्देश्य मिशन की प्रगति की समीक्षा करना, डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना को और सशक्त बनाना और सभी जिलों में तय लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना था।
“एक सप्ताह में 100% लक्ष्य पूरा करें” — निदेशक का सख्त निर्देश राज्य अभियान निदेशक ने सभी जिला अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी जिलों में Health Facility Registry (HFR) और Health Professional Registry (HPR) का कार्य एक सप्ताह के भीतर 100% पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता को डिजिटल हेल्थ सुविधाओं का लाभ देने के लिए इन दोनों कार्यों का पूरा होना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने बताया —
“ABHA ID (Ayushman Bharat Health Account) अब प्रत्येक नागरिक के लिए जरूरी है। भविष्य में सभी स्वास्थ्य सेवाएं — रजिस्ट्रेशन से लेकर रिपोर्ट तक — इसी डिजिटल आईडी से जुड़ी होंगी।”
ABHA ID को जनअभियान के रूप में चलाने का निर्देश श्री पंकज ने सभी जिलों को निर्देशित किया कि झारखंड स्थापना दिवस (15 नवम्बर) के अवसर पर ABHA निर्माण और डिजिटल स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़ी गतिविधियाँ आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा —
“प्रत्येक जिले में ‘रन फॉर हेल्थ’, प्रतियोगिताएँ, स्टॉल और जनजागरण अभियान चलाकर डिजिटल हेल्थ मिशन को जनआंदोलन बनाया जाए।” उन्होंने यह भी कहा कि जनभागीदारी ही इस मिशन की सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
डेटा पारदर्शिता पर जोर — दो दिन में भेजें सही जानकारी राज्य अभियान निदेशक ने सभी जिलों को आदेश दिया कि National Health Resource Repository (NHRR) से जुड़ी सभी गलतियों को दूर कर दो दिनों के भीतर सही डेटा ABDM मुख्यालय को भेजा जाए। उन्होंने कहा कि डेटा की पारदर्शिता और सटीकता राज्य की डिजिटल हेल्थ प्रगति का आधार है।
MODEL अस्पतालों में HMIS लागू करने की समयसीमा तय श्री पंकज ने निर्देश दिया कि राज्य के चयनित MODEL अस्पतालों में CDAC HMIS (Hospital Management Information System) के सभी मॉड्यूल 30 नवम्बर, 2025 तक पूर्णतः लागू किए जाएं। उन्होंने बताया कि इससे अस्पतालों में ई-रजिस्ट्रेशन, डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन और डेटा शेयरिंग की प्रक्रिया बेहतर होगी।
उन्होंने कहा —
“HMIS सिस्टम के माध्यम से मरीजों का डिजिटल रेकॉर्ड, जांच रिपोर्ट और दवा इतिहास सुरक्षित रहेगा,जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ेगी।”
जिलावार बाधाओं की पहचान और समाधान पर चर्चा बैठक के दौरान श्री पंकज ने जिलों के अधिकारियों से स्थानीय स्तर पर सामने आ रही तकनीकी और व्यवस्थागत बाधाओं की जानकारी ली। उन्होंने इंटरनेट कनेक्टिविटी, उपकरणों की उपलब्धता और प्रशिक्षण से संबंधित सभी मुद्दों पर तत्काल समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि BSNL के सहयोग से सभी अस्पताल परिसरों में Wi-Fi नेटवर्क मजबूत किया जा रहा है, ताकि किसी भी तकनीकी दिक्कत के बिना ABDM पोर्टल पर डेटा अपडेट हो सके।
रांची सदर अस्पताल को सराहा गया राज्य अभियान निदेशक ने इस बैठक में रांची सदर अस्पताल के उत्कृष्ट प्रदर्शन की विशेष सराहना की। उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल ने सर्वाधिक ABHA ID निर्माण, HFR-HPR अपडेट, और HMIS सिस्टम लागू करने में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
उन्होंने कहा कि यह अस्पताल झारखंड के अन्य जिलों के लिए एक मॉडल संस्था के रूप में उभर रहा है।
“ABDM सिर्फ एक योजना नहीं, डिजिटल हेल्थ क्रांति है” — बिद्यानंद शर्मा पंकज बैठक के समापन पर श्री पंकज ने कहा —
“आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था में डिजिटल क्रांति का आधार है। हमारा लक्ष्य है कि झारखंड देश के अग्रणी डिजिटल हेल्थ राज्यों में शामिल हो।”
उन्होंने सभी जिला अधिकारियों से अपील की कि वे जनसेवा की भावना और टीमवर्क के साथ कार्य करें, ताकि मिशन के हर घटक का लाभ जनता तक पहुंच सके।