पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी ने दी श्रद्धांजलि

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रांची : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड आंदोलन के पुरोधा दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन की खबर ने पूरे राज्य को शोक में डुबो दिया है। इस दुखद अवसर पर रांची स्थित आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी के कुल सचिव अमित कुमार पांडेय ने गहरा शोक व्यक्त किया है और कहा है कि “राज्य ने एक ऐसे जननायक को खो दिया है, जिसने जीवन भर आदिवासी समाज के हक और सम्मान के लिए लड़ाई लड़ी।”

भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कुल सचिव अमित कुमार पांडेय ने कहा:

“शिबू सोरेन जी एक महान नेता थे जिन्होंने अपने जीवन को झारखंड के लोगों की सेवा और राज्य के विकास के लिए समर्पित कर दिया था। उनकी राजनीतिक यात्रा में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और हमेशा अपने सिद्धांतों पर चलते रहे। उनकी असामयिक मृत्यु से न केवल राजनीतिक क्षेत्र में बल्कि पूरे झारखंड राज्य में अपूरणीय क्षति हुई है।”

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उन्होंने आगे कहा कि—

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“शिबू सोरेन जी की राजनीतिक विरासत और सामाजिक योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने झारखंड के आदिवासी समुदायों के अधिकारों के लिए जिस जुझारूपन से काम किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उनकी दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता ने झारखंड को एक नई दिशा देने का काम किया है।”

राजनीति से परे एक सामाजिक चेतना का प्रतीक

शिबू सोरेन न केवल झारखंड के राजनीतिक ध्रुव थे, बल्कि वे आदिवासी समाज की सामाजिक चेतना के प्रतीक भी थे। उन्होंने ‘जल, जंगल और जमीन’ की रक्षा के लिए एक जनांदोलन खड़ा किया, जिसकी परिणति 15 नवंबर 2000 को झारखंड राज्य के निर्माण में हुई। उनके द्वारा स्थापित झारखंड मुक्ति मोर्चा आज भी उनकी विचारधारा को आगे बढ़ा रहा है।

राजनीति के कद्दावर स्तंभ

शिबू सोरेन तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे और उन्होंने केंद्र सरकार में कोयला मंत्री के तौर पर भी कार्य किया। उनका राजनीतिक जीवन प्रेरणादायी रहा, जिसमें उन्होंने हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज को बुलंद किया।

आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी की ओर से गहरी संवेदना

श्री पांडेय ने कहा कि “हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उनकी आत्मा को शांति और उनके परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे। आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी की पूरी शैक्षणिक और प्रशासनिक इकाई इस दुख की घड़ी में उनके परिवार, मित्रों और अनुयायियों के साथ खड़ी है।”

राज्य सरकार ने की शोक की घोषणा

शिबू सोरेन के सम्मान में झारखंड सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। उनका अंतिम संस्कार रामगढ़ जिले में उनके पैतृक नेमरा गांव में किया जाएगा। हजारों की संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े हैं। शिबू सोरेन का निधन झारखंड की राजनीति और सामाजिक चेतना के एक युग के अंत का प्रतीक है। आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी जैसे शैक्षणिक संस्थानों द्वारा इस क्षति पर व्यक्त किया गया शोक यह दर्शाता है कि उनका प्रभाव केवल राजनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि समाज के हर वर्ग तक उनकी छाप थी। उनकी स्मृति में अगर झारखंड आने वाले समय में सामाजिक न्याय, समावेश और शिक्षा के पथ पर आगे बढ़ता है, तो यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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