महिला ढाकी दल की धूम में मां दुर्गा की प्रतिमा का भव्य विसर्जन
प्रतिमा विसर्जन के दौरान महिला ढाकी दल की धूम
पाकुड़: नवरात्रि और दशहरा के समापन की शाम वैष्णवी दुर्गा पूजा समिति डंगापारा (हिरणपुर) द्वारा मां दुर्गा की प्रतिमा का भव्य विसर्जन धूमधाम से किया गया। पूरे इलाके में भक्तिमय माहौल रहा। इस दौरान पश्चिम बंगाल के वर्धमान से आई महिला ढाकी दल ने पारंपरिक ढाक वादन से ऐसा समां बांधा कि श्रद्धालु झूम उठे।
ढाक की थाप पर महिला ढाकियों ने नृत्य करते हुए मनमोहक प्रस्तुति दी। उनकी लय और जोश ने विसर्जन यात्रा को खास बना दिया। ढाकी दल के प्रदर्शन को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। विसर्जन में शामिल सैकड़ों महिला, पुरुष और बच्चों ने एक-दूसरे को अबीर लगाकर खुशियां बांटी और ‘जय मां दुर्गा’ के जयकारे गूंजते रहे।
आतिशबाजी और पारंपरिक विधि से हुआ विसर्जन
विसर्जन से पहले तालाब घाट पर पूजा समिति की ओर से आकर्षक आतिशबाजी की गई। रंग-बिरंगी रोशनी से पूरा इलाका जगमगा उठा। इसके बाद मां दुर्गा की प्रतिमा का विधि-विधानपूर्वक पूजन कर विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने तालाब में देवी की प्रतिमा को विदा करते हुए पारंपरिक गीत गाए और नाचते-गाते घर लौटे।
वर्षों पुरानी परंपरा, मेले में उमड़ी भीड़
पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि यह पूजा कई वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है। हर वर्ष विसर्जन के मौके पर भक्तों के लिए उचित व्यवस्था की जाती है। इस साल भी पूजा पंडाल परिसर में भव्य मेले का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
आयोजकों ने जताया आभार
इस अवसर पर पूजा समिति के मोहनलाल भगत, संतोष सेन, सोनू भगत, आनंद सेन, सपन सेन समेत कई सदस्य मौजूद रहे। सभी ने भक्तों और प्रशासन को कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।
सांस्कृतिक विरासत में नई पहचान बना रही महिला ढाकी दल
बंगाल की पारंपरिक ढाक वादन कला में महिला ढाकी दलों की भागीदारी अब तेजी से बढ़ रही है। यह दल न सिर्फ सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखे हुए हैं, बल्कि दुर्गा पूजा जैसे धार्मिक आयोजनों में विशेष आकर्षण का केंद्र भी बनते जा रहे हैं। डंगापारा के विसर्जन समारोह में भी महिला ढाकी दल ने अपनी प्रस्तुति से लोगों का दिल जीत लिया।





