10 लाख का इनामी PLFI सुप्रीमो अमृत होरो गिरफ्तार, रांची पुलिस को बड़ी सफलता
लापुंग से दबोचा गया उग्रवादी संगठन का मुखिया, कई गंभीर मामलों में था वांछित
रांची: झारखंड में उग्रवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच रांची पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) के सुप्रीमो अमृत होरो उर्फ मेचो को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रांची पुलिस ने उसे लापुंग क्षेत्र से दबोचा है। अमृत होरो पर राज्य सरकार ने 10 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। रांची पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
10 लाख का था इनाम
अमृत होरो लंबे समय से पुलिस की वांछित सूची में शामिल था। झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के बाद पुलिस अब स्प्लिंटर उग्रवादी संगठनों पर शिकंजा कस रही है। इसी कड़ी में रांची एसएसपी राकेश रंजन के नेतृत्व में पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की। राज्य सरकार ने अमृत होरो की गिरफ्तारी पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
कई गंभीर मामलों में था आरोपी
पुलिस के अनुसार अमृत होरो कई गंभीर आपराधिक और उग्रवादी गतिविधियों में शामिल रहा है। रांची पुलिस की स्पेशल टीम ने स्थानीय खुफिया इनपुट और लंबे समय से जारी सर्विलांस के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रैक की और लापुंग से गिरफ्तार कर लिया।
बताया जा रहा है कि अमृत होरो लापुंग का ही रहने वाला है।
मार्टिन केरकेटा के बाद बना था सुप्रीमो
एनआईए द्वारा पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप की गिरफ्तारी और बाद में गुमला में मार्टिन केरकेटा के एनकाउंटर के बाद अमृत होरो संगठन का शीर्ष कमांडर बन गया था। इसके बाद उसने संगठन की कमान संभालते हुए रांची, खूंटी और आसपास के कई जिलों में लेवी वसूली और आपराधिक वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया था।
लेवी वसूली और धमकी में था सक्रिय
पुलिस के अनुसार हाल के दिनों में अमृत होरो कई जिलों में ठेकेदारों, कारोबारियों और स्थानीय लोगों से लेवी की मांग कर रहा था। उसकी गतिविधियों के कारण कई इलाकों में दहशत का माहौल था।
पुलिस कर रही पूछताछ
फिलहाल रांची पुलिस अमृत होरो से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि उससे पूछताछ में संगठन से जुड़े अन्य उग्रवादियों और नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। रांची पुलिस जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गिरफ्तारी से जुड़ी पूरी जानकारी साझा करेगी।
अमृत होरो की गिरफ्तारी को झारखंड पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे PLFI के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।






