शिवलोक धाम मरासिली पहाड़ में महारुद्र यज्ञ एवं महाशिवरात्रि महोत्सव की भव्य तैयारी

Mahashivratri

रांची: आस्था, भक्ति और सनातन परंपरा के संगम स्थल शिवलोक धाम मरासिली पहाड़ में इस वर्ष भी श्रद्धा और उल्लास के साथ पांच दिवसीय महारुद्र यज्ञ एवं महाशिवरात्रि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। शिवलोक धाम मरासिली पहाड़ ट्रस्ट के अध्यक्ष दयानंद राय ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी भव्य धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला तय कार्यक्रम के अनुसार संपन्न होगी।

कलश यात्रा से हुआ धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ
महोत्सव का शुभारंभ 10 फरवरी को प्रातः 9 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। यह यात्रा घाघरा स्थित स्वर्णरेखा नदी से प्रारंभ होकर लगभग 8 किलोमीटर की पदयात्रा करते हुए मरासिली पहाड़ स्थित शिवलोक धाम, राजाउलातु तक पहुंची। यात्रा में सैकड़ों महिलाएं एवं पुरुष श्रद्धालु सिर पर कलश धारण कर “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ शामिल हुए। पूरे मार्ग में भक्ति और उत्साह का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।

श्रद्धालुओं की इस आस्था और जनसैलाब को देखकर क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया। कलश यात्रा के दौरान लोगों ने जनसेवा, जलसेवा और भक्ति भाव से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाई।

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कार्यक्रम का विस्तृत आयोजन क्रम
ट्रस्ट अध्यक्ष दयानंद राय ने बताया कि—

  • 11 फरवरी (बुधवार): बेदी पूजन एवं प्रधानम
  • 12 फरवरी (गुरुवार): बेदी पूजन एवं महारुद्र यज्ञ का क्रम जारी
  • 14 फरवरी (शनिवार): महारुद्र यज्ञ की पूर्णाहुति एवं वार्षिक उत्सव
  • 15 फरवरी (रविवार): शिवलोक धाम में वार्षिक उत्सव एवं महाशिवरात्रि महोत्सव का भव्य आयोजन
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इन सभी दिनों में वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहेगा।

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ट्रस्ट सदस्यों की सक्रिय भूमिका
इस महायज्ञ और महोत्सव को सफल बनाने में शिवलोक धाम मरासिली पहाड़ ट्रस्ट के सभी सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सुरक्षा, व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक अनुष्ठानों की सुचारु व्यवस्था के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं।

श्रद्धालुओं का मानना है कि महाशिवरात्रि के अवसर पर शिवलोक धाम में पूजा-अर्चना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस कारण हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

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