300 नन्हे दिलों में लौटी धड़कन, CCL की ‘नन्हा सा दिल’ पहल बनी उम्मीद
जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की सफल सर्जरी, फरवरी 2027 तक 500 बच्चों के इलाज का लक्ष्य
रांची: जन्मजात हृदय रोग से जूझ रहे बच्चों के लिए सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) की CSR पहल ‘नन्हा सा दिल’ उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई है। इस पहल के तहत अब तक 300 बच्चों की जन्मजात हृदय रोग की सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। इस उपलब्धि के अवसर पर CCL मुख्यालय स्थित स्पंदन सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां सीसीएल के सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह ने लाभान्वित बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इस पहल के जरिए CCL ने फरवरी 2027 तक कुल 500 बच्चों की जन्मजात हृदय रोग की सर्जरी कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
बच्चों की स्क्रीनिंग से लेकर सर्जरी और फॉलोअप तक जिम्मेदारी
‘नन्हा सा दिल’ पहल के तहत झारखंड के विभिन्न जिलों में जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की पहचान के लिए स्क्रीनिंग की जाती है। स्क्रीनिंग के बाद जरूरत के अनुसार बच्चों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाता है। जिन बच्चों को सर्जरी की आवश्यकता होती है, उन्हें उनके परिजनों के साथ सुपर स्पेशलिटी अस्पताल भेजा जाता है। यहां बच्चों का निशुल्क उपचार और सर्जरी कराई जाती है। सर्जरी के बाद होने वाली देखभाल की जिम्मेदारी भी CCL की ओर से उठाई जाती है। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के उन बच्चों तक हृदय संबंधी उपचार पहुंचाना है, जिनके लिए महंगी सर्जरी कराना मुश्किल हो सकता है।
परिजनों ने CCL के प्रति जताया आभार
300 सफल सर्जरी पूरी होने के अवसर पर कार्यक्रम में शामिल बच्चों के परिजनों ने CCL के प्रति आभार व्यक्त किया। परिजनों ने बताया कि एक समय ऐसा भी था जब उन्हें अपने बच्चों के स्वास्थ्य और जीवन को लेकर गंभीर चिंता थी। आर्थिक परेशानियों के बीच महंगी हृदय सर्जरी कराना उनके लिए बड़ी चुनौती थी।परिजनों के अनुसार, CCL की ‘नन्हा सा दिल’ पहल के माध्यम से बच्चों को समय पर उपचार और सर्जरी की सुविधा मिली। उन्होंने कहा कि सफल उपचार के बाद बच्चों के जीवन में नई उम्मीद आई है और परिवारों को भी आगे बढ़ने का भरोसा मिला है।
पांच बच्चों को मिला ‘Gift of Life Certificate’
कार्यक्रम के दौरान 1 वर्ष से 11 वर्ष की आयु के पांच लाभार्थी बच्चों और उनके अभिभावकों को सफल उपचार एवं स्वस्थ जीवन की नई शुरुआत के लिए ‘Gift of Life Certificates’ प्रदान किए गए। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने बच्चों और उनके परिजनों का उत्साहवर्धन किया तथा उनके स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
CMD ने कहा- 300 सर्जरी सिर्फ आंकड़ा नहीं
इस अवसर पर CCL के CMD निलेंदु कुमार सिंह ने कहा कि 300 सर्जरी पूरी होना सिर्फ एक संख्या नहीं है, बल्कि 300 बच्चों के जीवन में नई उम्मीद जुड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि बच्चों की मुस्कान और उनके माता-पिता की खुशी इस पहल की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उनके अनुसार, जब किसी बच्चे को स्वस्थ जीवन का अवसर मिलता है, तो उसके साथ पूरे परिवार के सपनों को भी नई दिशा मिलती है। उन्होंने इस पहल के संचालन में सहयोग देने वाले अभिभावकों की भी सराहना की।
CCL के निदेशक मंडल के सदस्य भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में CCL के CMD निलेंदु कुमार सिंह के अलावा निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी और निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनुप हंजुरा मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने लाभार्थी बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात की तथा उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।
फरवरी 2027 तक 500 बच्चों के इलाज का लक्ष्य
CCL की ओर से ‘नन्हा सा दिल’ पहल के तहत फरवरी 2027 तक कुल 500 बच्चों की जन्मजात हृदय रोग सर्जरी कराने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 300 सफल सर्जरी पूरी होने के बाद इस लक्ष्य की दिशा में पहल आगे बढ़ रही है। CCL के अनुसार, कंपनी CSR के तहत स्वास्थ्य के साथ-साथ शिक्षा, पोषण और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में भी विभिन्न कार्यक्रम संचालित कर रही है। ‘नन्हा सा दिल’ पहल इसी CSR प्रयास का हिस्सा है, जिसके माध्यम से जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को उपचार उपलब्ध कराने और उन्हें स्वस्थ जीवन की ओर आगे बढ़ने का अवसर देने का प्रयास किया जा रहा है। 300 बच्चों की सफल सर्जरी के बाद अब नजर फरवरी 2027 के उस लक्ष्य पर है, जब CCL के इस अभियान के तहत 500 बच्चों के इलाज का लक्ष्य पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा।
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