रांची में CBI का बड़ा एक्शन, रिश्वतखोरी के आरोप में 3 अधिकारी गिरफ्तार
TA-CEA और PPO बिल भुगतान के बदले रिश्वत मांगने का आरोप
डोरंडा के रीजनल पे एंड अकाउंट्स ऑफिस में कार्रवाई
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने कथित रिश्वतखोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने डोरंडा स्थित रीजनल पे एंड अकाउंट्स ऑफिस (Regional Pay & Accounts Office) से जुड़े तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अधिकारियों में एक सीनियर अकाउंट ऑफिसर और दो असिस्टेंट अकाउंटेंट ऑफिसर शामिल हैं। गिरफ्तार अधिकारियों की पहचान संतोष कुमार महतो, सुनील कुमार और सुजीत कुमार सिंह के रूप में बताई गई है। CBI के अनुसार, इन अधिकारियों पर TA, CEA और PPO से संबंधित बिलों के भुगतान की प्रक्रिया में कथित तौर पर रिश्वत मांगने का आरोप है।
बिल पास कराने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, CBI को शिकायत मिली थी कि संबंधित बिलों को पास कराने और भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले कथित तौर पर रकम की मांग की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद एजेंसी ने मामले की जांच शुरू की और इसके बाद कार्रवाई की। CBI की कार्रवाई के बाद केंद्रीय सरकारी कार्यालय से जुड़े वित्तीय कामकाज और बिल भुगतान की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ गई है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित रिश्वतखोरी का मामला केवल शिकायत तक सीमित था या इसके पीछे कोई व्यापक लेन-देन का नेटवर्क भी था।
आरोपियों के आवासीय ठिकानों पर भी छापेमारी
गिरफ्तारी के साथ ही CBI की टीम ने आरोपियों से जुड़े आवासीय परिसरों की भी तलाशी ली। एजेंसी के मुताबिक तलाशी के दौरान नकदी, आभूषण और संपत्ति से संबंधित दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है। CBI अधिकारियों की ओर से आरोपियों के बैंक खातों और पासबुक की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी कथित रिश्वत से जुड़े किसी भी वित्तीय लेन-देन या संदिग्ध भुगतान की कड़ियां तलाश रही है।

पिछले एक साल के रिकॉर्ड की जांच
CBI की जांच केवल गिरफ्तार अधिकारियों तक सीमित नहीं है। एजेंसी रीजनल पे एंड अकाउंट्स ऑफिस में उपलब्ध दस्तावेजों और आधिकारिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। जांच का फोकस पिछले करीब एक साल के दौरान हुए बिल भुगतान, वित्तीय लेन-देन और कथित रिश्वतखोरी से जुड़े मामलों पर बताया जा रहा है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि बिलों के भुगतान के दौरान किसी तरह की अनियमितता हुई थी या नहीं।
वित्तीय लेन-देन की कड़ियां खंगाल रही CBI
अधिकारियों के बैंक खातों, पासबुक और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच के जरिए CBI कथित तौर पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रिश्वत के आरोपों से जुड़े पैसों का कोई लेन-देन हुआ था या नहीं। फिलहाल मामले में जांच जारी है। CBI की कार्रवाई के बाद विभागीय रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों की जांच तेज हो गई है। आगे की जांच में कथित रिश्वतखोरी से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है।





