जमशेदपुर में नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, 88 लीटर अवैध शराब बरामद; मुख्य आरोपी फरार
तुरियाबेड़ा में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, ब्रांडेड बोतलों में भरकर बाजार में बेचने की थी तैयारी
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में अवैध शराब के कारोबार पर उत्पाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एमजीएम थाना क्षेत्र के तुरियाबेड़ा में संचालित एक नकली शराब बनाने की मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। सोमवार सुबह गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में विभाग ने 88 लीटर नकली शराब के साथ शराब निर्माण और पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की। हालांकि, छापेमारी से पहले ही फैक्ट्री संचालक और अन्य तस्कर मौके से फरार हो गए।
88 लीटर नकली शराब बरामद
उत्पाद विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मौके से कुल 88 लीटर अवैध शराब बरामद हुई है। इसमें 70 लीटर नकली रंगीन शराब और 18 लीटर बोतलबंद शराब शामिल है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यहां तैयार की गई नकली शराब को ब्रांडेड कंपनियों की बोतलों में भरकर बाजार में ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी थी।
अर्धनिर्मित मकान में चल रही थी मिनी फैक्ट्री
जांच में सामने आया है कि तुरियाबेड़ा स्थित एक अर्धनिर्मित मकान में पिछले करीब एक महीने से नकली शराब बनाने का अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा था। उत्पाद विभाग को इसकी गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद विशेष टीम ने सोमवार सुबह छापेमारी की। मौके पर फैक्ट्री में शराब तैयार करने और उसकी पैकेजिंग का पूरा इंतजाम मिला।
बिट्टू महतो पर मामला दर्ज
उत्पाद विभाग की जांच में इस अवैध कारोबार का कथित मास्टरमाइंड बिट्टू महतो बताया गया है, जो शंकोसाई रोड नंबर-1 का रहने वाला है। विभाग ने उसके खिलाफ झारखंड उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। फिलहाल उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
बड़ी मात्रा में पैकेजिंग सामग्री जब्त
छापेमारी के दौरान उत्पाद विभाग ने नकली शराब बनाने और उसे ब्रांडेड शराब की तरह पैक करने में इस्तेमाल होने वाली कई सामग्री भी बरामद की। इनमें विभिन्न कंपनियों के सीलिंग कॉर्क, बोतलों के ढक्कन, फ्रंट और रियर लेबल, कैरामेल समेत अन्य पैकेजिंग सामग्री शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि इन सामग्रियों का इस्तेमाल कर नकली शराब को असली ब्रांड का रूप देकर बाजार में बेचा जाता था, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंच रहा था।
शराब तस्करों में मचा हड़कंप
उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई के बाद जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय शराब तस्करों में हड़कंप मच गया है। विभाग अब यह भी जांच कर रहा है कि तैयार की गई नकली शराब की सप्लाई किन-किन क्षेत्रों में की जाती थी और इस अवैध नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में आगे भी कई स्थानों पर छापेमारी की जा सकती है। विभाग का कहना है कि अवैध शराब के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।






