झारखंड बंद का बड़ा असर! रांची समेत पूरे प्रदेश में सड़कों पर उतरे भाजपाई, छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन

रांची: JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर झारखंड में जारी छात्र आंदोलन के बीच मंगलवार, 11 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी के आह्वान पर झारखंड बंद शुरू हो गया है। सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में BJP ने इस बंद का आह्वान किया है। राजधानी रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में सुबह से ही बंद का असर दिखाई दे रहा है। BJP कार्यकर्ता सुबह से ही सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं और बंद को सफल बनाने की कोशिश में जुटे हैं। छात्रों के आंदोलन और सोमवार की पुलिस कार्रवाई के बाद राज्य की सियासत भी गरमा गई है।
17वें दिन भी जारी है छात्रों का आंदोलन
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन मंगलवार को 17वें दिन भी जारी है। छात्र परीक्षा में पारदर्शिता, समयबद्ध नियुक्ति, परीक्षा कैलेंडर और भर्ती प्रक्रिया में सुधार समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को छात्रों ने विधानसभा घेराव का प्रयास किया था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बनी, जिसके बाद पुलिस की ओर से लाठीचार्ज किया गया। कार्रवाई के बाद छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा। इसी कार्रवाई के विरोध में BJP ने मंगलवार को पूरे झारखंड में बंद का आह्वान किया है।

रांची समेत जिलों में सड़कों पर BJP कार्यकर्ता
बंद को लेकर राजधानी रांची में सुबह से ही BJP कार्यकर्ता सक्रिय नजर आए। अलग-अलग स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी की। BJP कार्यकर्ताओं का कहना है कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय उनके खिलाफ पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया। पार्टी का आरोप है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की गई। रांची के अलावा राज्य के अन्य जिलों से भी BJP कार्यकर्ताओं के सड़क पर उतरने और बंद के समर्थन में प्रदर्शन करने की खबरें सामने आ रही हैं।
आदित्य साहू और बाबूलाल मरांडी ने सरकार को घेरा
झारखंड BJP अध्यक्ष आदित्य साहू ने छात्र आंदोलन और सोमवार की कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उनके आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है। वहीं BJP के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने भी छात्रों के समर्थन में सरकार को घेरा। BJP का कहना है कि JPSC-JSSC जैसी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों का जवाब सरकार को देना चाहिए। पार्टी ने इस मुद्दे को अब बड़े राजनीतिक आंदोलन का रूप देने की तैयारी भी शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से की शांति की अपील
वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाई है और सरकार ने उनकी बात सुनी है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि छात्रों की मांगों पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाएगी।

CM ने पुलिस और प्रशासन की तारीफ की
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्र आंदोलन के दौरान स्थिति संभालने के लिए पुलिस और प्रशासन की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान संयम, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों एवं जवानों का धन्यवाद। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सरकार और BJP के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और बढ़ने के आसार हैं।

बंद से आगे क्या?
झारखंड बंद के दौरान सबसे बड़ा सवाल कानून-व्यवस्था को लेकर है। प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ या जबरन बंद कराने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में आज पूरे झारखंड में BJP के बंद का असर और प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है। JPSC-JSSC विवाद से शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब सरकार और विपक्ष के बीच बड़े राजनीतिक टकराव में बदलता नजर आ रहा है।






