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मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा ने ली हाईकोर्ट जज की शपथ

New Judges of Jharkhand HC

चीफ जस्टिस एमएस सोनक ने तीनों न्यायिक अधिकारियों को दिलाई पद एवं गोपनीयता की शपथ

गढ़वा, साहिबगंज और डालटनगंज के PDJ अब हाईकोर्ट में

रांची: झारखंड हाईकोर्ट को बुधवार को तीन नए न्यायाधीश मिले। मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा ने झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक ने तीनों नवनियुक्त न्यायाधीशों को शपथ दिलाई। हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक शपथ ग्रहण समारोह 23 सितंबर को सुबह 10:15 बजे हाईकोर्ट परिसर के ग्राउंड फ्लोर पर आयोजित किया गया। तीनों न्यायाधीश झारखंड सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस कैडर से आते हैं और इससे पहले राज्य के अलग-अलग जिलों में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (PDJ) के पद पर कार्यरत थे। केंद्र सरकार की नियुक्ति अधिसूचना के बाद शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी हुई।

सबसे पहले मनोज प्रसाद ने ली शपथ
शपथ ग्रहण समारोह में सबसे पहले मनोज प्रसाद ने झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। इसके बाद अखिल कुमार और फिर राम शर्मा ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। शपथ ग्रहण से पहले तीनों न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित वारंट पढ़ा गया। इसके बाद चीफ जस्टिस एमएस सोनक ने उन्हें न्यायाधीश पद की शपथ दिलाई। समारोह में हाईकोर्ट के अन्य न्यायाधीशों के अलावा न्यायिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े कई अतिथि मौजूद रहे।

गढ़वा, साहिबगंज और डालटनगंज में PDJ रहे
हाईकोर्ट के नए न्यायाधीश बनने वाले तीनों अधिकारी शपथ लेने से पहले अलग-अलग जिलों में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे। मनोज प्रसाद गढ़वा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत थे। अखिल कुमार साहिबगंज के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश थे। राम शर्मा डालटनगंज यानी पलामू के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत थे। अब तीनों न्यायिक अधिकारी झारखंड हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।

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हाईकोर्ट में जजों की संख्या 16 हुई
तीनों नए न्यायाधीशों के शपथ लेने के बाद झारखंड हाईकोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 13 से बढ़कर 16 हो गई है। वहीं हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के कुल स्वीकृत पद 25 हैं। यानी अभी भी स्वीकृत संख्या के मुकाबले कुछ पद रिक्त हैं। न्यायाधीशों की संख्या बढ़ने से हाईकोर्ट में लंबित मामलों की सुनवाई के लिए उपलब्ध न्यायिक क्षमता में वृद्धि होगी। हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव मामलों के निस्तारण और पीठों के गठन समेत कई प्रशासनिक पहलुओं पर निर्भर करेगा।

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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की थी सिफारिश
इन तीनों न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश से शुरू हुई थी। 10 सितंबर 2026 को कॉलेजियम ने मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा को झारखंड हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने नियुक्ति संबंधी अधिसूचना जारी की। नियुक्ति की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद 23 सितंबर को तीनों ने हाईकोर्ट के न्यायाधीश पद की शपथ ली।

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न्यायिक व्यवस्था के लिए अहम नियुक्ति
झारखंड हाईकोर्ट में लंबे समय से न्यायाधीशों के स्वीकृत पद और कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या के बीच अंतर रहा है। तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के बाद कार्यरत जजों की संख्या 16 होने से यह अंतर कुछ कम हुआ है। तीनों नए न्यायाधीशों के आने के बाद हाईकोर्ट में लंबित मामलों की सुनवाई, नई याचिकाओं की सुनवाई और विभिन्न पीठों के कामकाज को लेकर न्यायिक संसाधन बढ़ेंगे। अब तीनों न्यायाधीश हाईकोर्ट की अलग-अलग पीठों में मामलों की सुनवाई करेंगे और झारखंड की न्यायिक व्यवस्था में अपनी नई भूमिका निभाएंगे।

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