झारखंड को मिला मजबूत स्वास्थ्य ढांचा, सभी जिलों में MRI-CT स्कैन सुविधा और 91 सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी नियुक्त

Jharkhand gets 91 new CHOs, MRI and CT scan machines Jharkhand gets 91 new CHOs, MRI and CT scan machines

रांची: झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। मंगलवार को राजधानी रांची के नामकुम स्थित लोक स्वास्थ्य संस्थान सभागार में आयोजित एक समारोह में 91 सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों (CHO) को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इस मौके पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कई बड़ी घोषणाएं कीं, जिनमें सभी जिलों के सदर अस्पतालों में MRI और CT स्कैन मशीनें लगाने का ऐतिहासिक निर्णय भी शामिल है।

स्वास्थ्य मंत्री ने सौंपी जिम्मेदारी
डॉ इरफान अंसारी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि नए सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों को अब राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करने की जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने कहा – “आपको कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन डरना नहीं है। मैंने नौकरी दी है तो आपकी हिफाजत भी करूंगा।”

MRI और CT स्कैन मशीन लगाने का ऐलान
स्वास्थ्य मंत्री ने अपने हालिया बोकारो दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां लोगों ने उनसे शिकायत की कि अस्पतालों में MRI और CT स्कैन मशीन नहीं होने के कारण उन्हें निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ता है। इस परेशानी को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने ऐलान किया कि अब सभी सदर अस्पतालों में MRI और CT स्कैन मशीन लगाई जाएगी, ताकि मरीजों को आर्थिक और मानसिक कष्ट से राहत मिल सके।

झारखंड में ही होगा किडनी ट्रांसप्लांट
डॉ अंसारी ने बताया कि राज्य में 2100 बेड वाला सुपर स्पेशियलिटी किडनी अस्पताल बनाया जा रहा है। इसके बाद झारखंड के मरीजों को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मेडिको सिटी और छह नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्य को भी तय समय पर पूरा करने की योजना है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि अगले 1-2 वर्षों में झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेगा।

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स्वास्थ्य सूचकांक में झारखंड की उपलब्धि
समारोह के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि झारखंड ने सीमित संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन उपलब्धियां हासिल की हैं।

  • शिशु मृत्यु दर: राष्ट्रीय औसत 28, झारखंड 25
  • मातृत्व मृत्यु दर: राष्ट्रीय औसत 97, झारखंड 56
  • संस्थागत प्रसव: राष्ट्रीय औसत 88.6%, झारखंड 75%
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इन आंकड़ों से साफ है कि झारखंड स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार कर रहा है।

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कार्यक्रम में बड़ी मौजूदगी
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, झारखंड मेडिकल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक अबु इमरान, निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं डॉ सिद्धार्थ सान्याल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

लोगों को होगी बड़ी राहत
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि MRI और CT स्कैन मशीनों की उपलब्धता से आम लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा। अब तक राज्य के कई जिलों में मरीजों को इन सुविधाओं के लिए रांची या बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। वहीं, किडनी अस्पताल बनने से गंभीर मरीजों को राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

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