झारखंड सूचना आयोग को मिले 4 नए आयुक्त, राज्यपाल ने लगाई मुहर
अनुज सिन्हा, तनुज खत्री, अमूल नीरज खलखो और शिवपूजन पाठक के नामों पर लगी मुहर, जल्द जारी होगी अधिसूचना
रांची: झारखंड में लंबे समय से लंबित सूचना आयुक्तों की नियुक्ति का रास्ता अब लगभग साफ हो गया है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राज्य सरकार द्वारा भेजे गए सूचना आयुक्तों के पैनल को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही राज्य सूचना आयोग में नए सूचना आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। राज्य सरकार की ओर से अनुमोदन के लिए भेजे गए चारों नामों को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है। स्वीकृत पैनल में अनुज कुमार सिन्हा, तनुज खत्री, अमूल नीरज खलखो और शिवपूजन पाठक के नाम शामिल हैं।
राजभवन ने सरकार को भेजी सूचना
राज्यपाल के प्रधान सचिव नितिन कुलकर्णी ने इस संबंध में राज्य सरकार को आधिकारिक रूप से जानकारी दे दी है। राजभवन की स्वीकृति मिलने के बाद अब कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग नियुक्ति से संबंधित अधिसूचना जारी करेगा। अधिसूचना जारी होते ही चारों नाम आधिकारिक रूप से सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्त माने जाएंगे।
लंबे समय से लंबित थी नियुक्ति प्रक्रिया
गौरतलब है कि राज्य सूचना आयोग में सूचना आयुक्तों के कई पद लंबे समय से रिक्त पड़े थे। इसके कारण सूचना के अधिकार (RTI) से जुड़े मामलों के निपटारे में देरी की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। प्रशासनिक स्तर पर भी सूचना आयोग की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही थी। ऐसे में इन नियुक्तियों को राज्य के प्रशासनिक ढांचे और पारदर्शिता व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
RTI मामलों के निपटारे में आएगी तेजी
विशेषज्ञों का मानना है कि चार नए सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के बाद राज्य सूचना आयोग की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी और सूचना के अधिकार कानून के तहत लोगों को समय पर न्याय और सूचना उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। सूचना आयोग में रिक्त पदों को भरने की मांग लंबे समय से उठ रही थी। अब राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह प्रक्रिया लगभग पूरी होने की ओर बढ़ चुकी है।
अब अधिसूचना का इंतजार
राज्यपाल की स्वीकृति के बाद अब सभी की निगाहें कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग द्वारा जारी की जाने वाली अधिसूचना पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि विभाग जल्द ही नियुक्ति संबंधी औपचारिक आदेश जारी कर सकता है। इन नियुक्तियों के बाद झारखंड में RTI व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




