रांची में पाकिस्तानी हथियार सप्लाई का बड़ा खुलासा: लड़कियों के जरिए रांची तक पहुंचे हथियार, UAE कनेक्शन से हड़कंप
रांची : रांची में पुलिस ने एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया है। पाकिस्तान से लाए गए हथियार रांची तक पहुंचाने के इस गिरोह में न केवल गैंगस्टर शामिल थे, बल्कि एक महिला की भूमिका भी बेहद अहम थी। पुलिस ने कोयलांचल शांति सेना (KSS) के पांच गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया है — जिनमें गैंग लीडर सुजीत सिन्हा के खास गुर्गे भी शामिल हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि ये सभी आरोपी पाकिस्तान निर्मित पिस्तौल रांची में सप्लाई कर रहे थे। गिरफ़्तार किए गए आरोपियों के पास से तीन पाकिस्तानी पिस्टल, सात मैगजीन, तेरह कारतूस, एक लग्जरी कार, छह मोबाइल फोन और करीब दस लाख रुपये नकद जब्त किए गए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह पैसा वसूली और हथियार तस्करी के जरिए जुटाया गया था और इसे दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजा जा रहा था। गिरोह के विदेशी नेटवर्क को ट्रैक करने के लिए रांची पुलिस ने अब इंटरनेशनल एजेंसियों से भी संपर्क किया है।
UAE कनेक्शन से खुला अंतरराष्ट्रीय गैंग का जाल
रांची पुलिस की प्राथमिक जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि यह गैंग सीधे दुबई (UAE) में बैठे एक कुख्यात गैंगस्टर से संपर्क में था। दुबई के इस गैंगस्टर का लिंक पाकिस्तान में सक्रिय हथियार आपूर्तिकर्ताओं से था। हथियार पहले पाकिस्तान से दुबई भेजे जाते थे और फिर तस्करी के जरिए भारत में एंट्री दी जाती थी। रांची पुलिस ने बताया कि इस गिरोह के सदस्य न सिर्फ रांची बल्कि गिरिडीह, धनबाद, बोकारो और पलामू जिलों में भी सक्रिय थे। ये गैंग ‘वसूली’, ‘हथियार सप्लाई’ और ‘गैंगवार’ को अंजाम देने का प्लान बना रहे थे। पकड़े गए अपराधियों में कुछ का संबंध पहले भी कुख्यात अपराधी सुजीत सिन्हा और प्रिंस खान से रहा है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह इनामुल हक उर्फ बब्लू खान के नेटवर्क से जुड़ा था, जो रांची और कोयलांचल क्षेत्र में रंगदारी वसूली और मनी ट्रांसफर के धंधे को संभालता था।

महिला गैंगस्टर की भूमिका से पुलिस भी हैरान
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गिरोह की एक महिला सदस्य की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण थी। वही पाकिस्तान से आए हथियारों को छुपाने और शहर के अलग-अलग ठिकानों तक पहुंचाने का जिम्मा संभालती थी। यह महिला पिछले कई महीनों से रांची और धनबाद में सक्रिय थी और पुलिस से बचने के लिए बार-बार ठिकाने बदलती थी। रांची एसएसपी ने बताया कि महिला अपराधी को हथियार सप्लाई चेन की “कड़ी” के रूप में इस्तेमाल किया जाता था ताकि पुलिस का शक कम हो। लेकिन जब इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और बैंक ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड की जांच की गई तो उसका कनेक्शन दुबई और कराची के कुछ फोन नंबरों से मिला।
पुलिस और एजेंसियां सतर्क, हो सकती हैं और गिरफ्तारियां
रांची पुलिस ने अब इस पूरे नेटवर्क को सुलझाने के लिए एक संयुक्त जांच दल गठित किया है जिसमें खुफिया विभाग, ATS और साइबर सेल को भी जोड़ा गया है। सूत्रों का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर झारखंड के अन्य जिलों में भी छापेमारी की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े और कई लोग गिरफ्त में आएंगे।
रांची एसएसपी ने कहा —
“यह सिर्फ एक लोकल क्राइम नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय हथियार नेटवर्क का हिस्सा है। झारखंड में दुबई और पाकिस्तान के तार जुड़े होना बेहद गंभीर संकेत है। हम पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए हर स्तर पर कार्रवाई कर रहे हैं।”
रांची पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अब झारखंड भी अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क के निशाने पर है। पाकिस्तान से लेकर UAE और फिर रांची तक फैला यह गैंग अब सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है। यह केस न सिर्फ एक आपराधिक कार्रवाई है, बल्कि भारत की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी चेतावनी भी है।








