जामताड़ा पुलिस का बड़ा अभियान: नकली विदेशी शराब के अंतरराज्यीय तस्करी रैकेट का भंडाफोड़
तीन वाहन और 300 से अधिक पेटियाँ जब्त
जामताड़ा: जामताड़ा पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि शराब माफिया का “सेफ रूट” समझा जाने वाला कोई भी रास्ता अब कानून की पकड़ से नहीं बच सकेगा। धनबाद–जामताड़ा–बिहार रूट से बड़े पैमाने पर नकली विदेशी शराब की अवैध ढुलाई की सूचना मिलने पर पुलिस की विशेष टीम ने छापेमारी कर करीब 300 से अधिक पेटियां नकली विदेशी शराब और स्पिरिट जब्त की हैं। यह कार्रवाई न सिर्फ शराब माफियाओं के नेटवर्क पर गहरा प्रहार है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद झारखंड की सीमाओं का अवैध इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है।
गुप्त सूचना के बाद बनी स्पेशल टीम
जामताड़ा एसपी राजकुमार मेहता को गुप्त सूचना मिली थी कि भारी मात्रा में नकली विदेशी शराब धनबाद के गोविंदपुर से होकर नारायणपुर थाना क्षेत्र के पाण्डेयडीह मोड़ के रास्ते बिहार भेजी जा रही है। तस्कर इस रास्ते को “सॉफ्ट कॉर्नर” मानकर उपयोग करते थे और किसी बड़े पकड़े जाने की आशंका नहीं थी।
सूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में नारायणपुर थाना, साइबर सेल और स्थानीय पुलिस के जवान शामिल थे।
पाण्डेयडीह मोड़ पर नाकेबंदी से खुला बड़ा रैकेट
पुलिस ने पाण्डेयडीह मोड़ पर सघन वाहन जांच अभियान चलाया। इसी दौरान संदेह होने पर WB-51C-5752 नंबर की DCM ट्रक को रुकवाया गया। तलाशी लेने पर पुलिस हैरान रह गई। ट्रक में आगे कुरकुरे की बोरियाँ भरी थीं, जबकि पीछे छुपाकर रखी गई थी—
- 210 पेटी ROYAL STAGE नकली विदेशी शराब
- 78 पेटी स्पिरिट
सभी पेटियाँ बेहद सटीक तरीके से छिपाई गई थीं ताकि सड़क जांच में पकड़ी न जाएं।
दो स्कॉर्टिंग गाड़ियां भी मिलीं पकड़
तस्कर इतने बड़े खेप के संरक्षण के लिए दो छोटे वाहनों से ट्रक को स्कॉर्ट कर रहे थे—
- Hyundai Aura (JH09 AW 1734) से 08 पेटी नकली शराब
- Swift (JH10 DC 4782) से 07 पेटी नकली शराब
दोनों गाड़ियां ट्रक से पहले और बाद में चल रही थीं ताकि पुलिस जांच की स्थिति में चालक को फोन कर सूचना दी जा सके।
चार आरोपी गिरफ्तार — सभी धनबाद के रहने वाले
पुलिस ने मौके से चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें—
- ट्रक चालक
- दोनों स्कॉर्टिंग गाड़ियों के चालक
- एक सहायक तस्कर
शामिल हैं। सभी आरोपी धनबाद जिले के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले बताए जाते हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस नेटवर्क, सप्लाई चैन, फाइनेंसर और शराब की अवैध फैक्ट्रियों के बारे में पूछताछ कर रही है।
15.95 लाख की शराब जब्त, बिहार में मूल्य 45 लाख के आसपास
जामताड़ा पुलिस के मुताबिक—
- झारखंड के हिसाब से जब्त शराब की कीमत: लगभग 15.95 लाख रुपए
- बिहार की काली बाजार कीमत: लगभग 45 लाख रुपए
इसके साथ जब्त किए गए:
- तीन वाहन
- 14 मोबाइल फोन
- 33,000 रुपए नकद
- तस्करी से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज
शराब माफियाओं का नया तरीका — ‘कुरकुरे बोरियों’ का कवर
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि तस्करी में इस्तेमाल की गई DCM ट्रक की बाल्टी में सामने कुरकुरे की बड़ी-बड़ी बोरी रखकर ऐसा दिखाया जाता था कि ट्रक में सिर्फ फूड प्रोडक्ट लदा है। पीछे की परत में एक “सीक्रेट केविटी” बनाकर शराब की पेटियाँ छिपाई गई थीं।
यह तरीका पिछले कुछ महीनों से तस्करों द्वारा अपनाया जा रहा था और पुलिस को यह भी जानकारी मिल रही है कि कई शराब माफिया बड़े पैमाने पर नकली लेबल वाली शराब बिहार में भेज रहे हैं।
एसपी ने कहा — “तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा”
एसपी राजकुमार मेहता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा—
“अवैध शराब का कारोबार न सिर्फ कानून के खिलाफ है, बल्कि यह समाज के लिए भी बेहद खतरनाक है। जामताड़ा पुलिस ऐसे माफियाओं के खिलाफ लगातार अभियान जारी रखेगी। जो भी इसके पीछे शामिल हैं, उन सबकी पहचान कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
बिहार में शराबबंदी, झारखंड के रास्ते बढ़ रहा अवैध कारोबार
बिहार में शराबबंदी के बाद तस्करों ने धनबाद, जामताड़ा, दुमका और गिरिडीह की सीमाओं का गलत फायदा उठाना शुरू कर दिया है। कई बार तस्कर ट्रक, एंबुलेंस, दूध गाड़ी, फल वाहन, कुरकुरे बोरियाँ, यहां तक कि एंबुलेंस के पीछे तक शराब छिपाकर ले जाते पकड़े गए हैं। जामताड़ा पुलिस की यह कार्रवाई इसी नेटवर्क पर एक बड़ा प्रहार है।
जांच अब बड़े गिरोह की ओर बढ़ेगी
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में—
- शराब के असली सप्लायर
- नकली लेबल प्रिंट करने वाला फैक्ट्री मालिक
- बिहार का रिसीवर
- फाइनेंसर
जैसे कई बड़े नाम सामने आने की उम्मीद है। पुलिस ने कहा है कि आगे और गिरफ्तारियां होंगी।








