जिला टास्क फोर्स की बड़ी कार्रवाई, कोयला वाहनों पर जुर्माना
नो-इंट्री जोन में चल रहे 19 कोयला डंपरों पर लगा 89,800 रुपये का जुर्माना
पाकुड़ : जिला प्रशासन के निर्देशों का उल्लंघन कर नो-इंट्री जोन में परिचालन कर रहे कोयला वाहनों पर जिला टास्क फोर्स ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार की देर रात टास्क फोर्स की टीम ने तीन जगहों पर औचक छापेमारी की और 19 कोयला डंपरों को पकड़कर ₹89,800 का जुर्माना लगाया।
देवपुर, रानीपुर और डांगापाड़ा में हुई छापेमारी
छापेमारी अभियान रात 9:30 बजे से 11:30 बजे तक चला। टीम ने पाकुड़–हिरणपुर मुख्य पथ के देवपुर, रानीपुर और डांगापाड़ा में जांच अभियान चलाया। इस दौरान पाया गया कि नो-इंट्री के बावजूद कोयला वाहनों का परिचालन जारी था। टीम ने मौके पर सभी वाहनों को रोका और दस्तावेजों की जांच की, जिसमें कई ट्रकों के कागजात अधूरे या गायब पाए गए।

जांच दल में शामिल रहे अधिकारी
इस कार्रवाई में जिला प्रशासन की संयुक्त टीम मौजूद रही।
दल में शामिल अधिकारी थे —
- राजेश कुमार, जिला खनन पदाधिकारी (DMO)
- मनोज कुमार, अंचलाधिकारी
- सुबोध कुमार सिंह, खनन निरीक्षक
- नवीन कुजूर, खनन विभाग
- रितेश कुमार सिंह, जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधक
- साथ ही पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा।
डीसी के आदेश का उल्लंघन कर रहे थे डंपर चालक
बताते चलें कि उपायुक्त पाकुड़ द्वारा पहले ही हिरणपुर और डांगापाड़ा मार्ग पर कोयला वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई गई थी। इसके बावजूद कई चालक मनमानी करते हुए इन रास्तों से कोयला ढो रहे थे।

इससे सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी और ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही थी।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कई बार शिकायत की थी कि कोयला डंपरों की तेज रफ्तार से गांवों में खतरा बढ़ गया है।
डीएमओ ने दी सख्त चेतावनी
डीएमओ राजेश कुमार ने बताया कि पकड़े गए सभी चालकों को सख्त चेतावनी दी गई है।
उन्होंने कहा —
“यदि दोबारा इन मार्गों पर कोयला डंपरों का परिचालन पाया गया, तो संबंधित वाहनों को जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
प्रशासन की सख्ती के बावजूद मनमानी जारी
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्रशासन की बार-बार की चेतावनी के बावजूद कोयला माफिया और वाहन चालक मनमानी कर रहे हैं। कुछ वाहन मालिकों ने निर्दिष्ट रूट छोड़कर प्रतिबंधित मार्गों पर परिचालन शुरू कर दिया है, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने कहा है कि आगे भी इसी तरह औचक निरीक्षण किए जाएंगे और नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।



