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झारखंड के पूर्व मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव को कांग्रेस ने सौंपी नई जिम्मेदारी, अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति के अध्यक्ष बने

Rameshwar Oraon

रांची: झारखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव को पार्टी ने एक बार फिर अहम जिम्मेदारी सौंपी है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने उन्हें झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (JPCC) की संविधान के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस प्रस्ताव को औपचारिक स्वीकृति दे दी है। इस कमेटी में अध्यक्ष समेत कुल छह सदस्यों को शामिल किया गया है, जिनमें अशोक चौधरी, मंजूर अहमद अंसारी, भीम कुमार, मंजूला हांसदा और अभिलाष साहू सदस्य बनाए गए हैं। इसकी जानकारी पार्टी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने जारी अधिसूचना के माध्यम से दी।

कांग्रेस नेतृत्व ने जताया भरोसा
कांग्रेस हाईकमान ने डॉ. उरांव पर भरोसा जताते हुए कहा कि उनके अनुभव और संगठनात्मक अनुशासन से पार्टी को लाभ मिलेगा। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, “रामेश्वर उरांव संगठन के अनुशासन और संविधान की मर्यादा को सर्वोपरि मानते हैं। उनकी नियुक्ति पार्टी की अंदरूनी सुदृढ़ता को और मजबूत करेगी।”

ज्ञात हो कि झारखंड कांग्रेस के भीतर पिछले कुछ महीनों से कई बार संगठनात्मक असहमति और अनुशासनहीनता के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे में डॉ. उरांव की नियुक्ति को संतुलन और अनुशासन स्थापित करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

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कौन हैं डॉ. रामेश्वर उरांव?
डॉ. रामेश्वर उरांव झारखंड के एक वरिष्ठ और अनुभवी राजनेता हैं। वे भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के अधिकारी रह चुके हैं और बाद में राजनीति में सक्रिय हुए। उन्होंने झारखंड सरकार में वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया है और राज्य कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनकी छवि एक संवेदनशील, ईमानदार और अनुशासनप्रिय नेता की रही है। राज्य में पार्टी संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को जोड़ने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कांग्रेस के अंदर उन्हें नीति निर्धारण, संगठनात्मक एकजुटता और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए जाना जाता है।

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अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति की भूमिका
कांग्रेस की “संविधान के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति” संगठन के अंदर अनुशासन, आचरण और संविधान के पालन से जुड़े मामलों की निगरानी करती है। यह समिति उन स्थितियों पर भी निर्णय देती है, जब किसी सदस्य पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने, असंवैधानिक बयान देने या आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप लगते हैं। डॉ. उरांव की अध्यक्षता में बनी यह समिति झारखंड कांग्रेस के लिए विशेष रूप से अहम मानी जा रही है, क्योंकि संगठन आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटा है और पार्टी में अनुशासन तथा एकजुटता की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

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कमेटी के अन्य सदस्य
इस समिति में शामिल पांच अन्य सदस्यों का चयन भी पार्टी नेतृत्व ने सावधानीपूर्वक किया है।

  • अशोक चौधरी – वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता और संगठनात्मक अनुभव रखने वाले नेता
  • मंजूर अहमद अंसारी – झारखंड कांग्रेस के सक्रिय प्रवक्ता और अनुशासन समिति के पूर्व सदस्य
  • भीम कुमार – युवा कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रिय, राज्य स्तर पर संगठनात्मक भूमिका निभाने वाले
  • मंजूला हांसदा – महिला कांग्रेस से जुड़ीं, आदिवासी समाज की सशक्त आवाज़
  • अभिलाष साहू – छात्र राजनीति से निकलकर संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले

इन सभी को समिति का हिस्सा बनाकर कांग्रेस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अनुशासन और पारदर्शिता पार्टी की प्राथमिकता रहेगी।

राजनीतिक विश्लेषण: उरांव की वापसी में ‘संगठन संदेश’
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि झारखंड कांग्रेस में पिछले कुछ समय से गुटबाजी और अंदरूनी मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। ऐसे में डॉ. रामेश्वर उरांव की वापसी एक संतुलनकारी कदम है। वे न केवल वरिष्ठ नेता हैं बल्कि सभी गुटों के बीच स्वीकार्य चेहरा भी माने जाते हैं। कांग्रेस नेतृत्व का उद्देश्य स्पष्ट है — आगामी चुनावी वर्ष में संगठन को मजबूत रखना, कार्यकर्ताओं के बीच अनुशासन बहाल करना और पार्टी की एकता को प्राथमिकता देना।

झारखंड कांग्रेस में नई सक्रियता की उम्मीद
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (JPCC) में यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब पार्टी राज्य में अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत कर रही है। विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस चाहती है कि सभी जिलों और ब्लॉकों में अनुशासन समिति सक्रिय भूमिका निभाए ताकि विवादों का समय पर समाधान हो सके। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, डॉ. उरांव आने वाले दिनों में अनुशासन समिति की पहली बैठक बुलाने वाले हैं, जिसमें कार्यप्रणाली और दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे।

डॉ. उरांव ने कहा — “संविधान और अनुशासन, कांग्रेस की पहचान”

नियुक्ति के बाद डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा —

“कांग्रेस पार्टी अपने संविधान और सिद्धांतों के लिए जानी जाती है। हमारा दायित्व है कि संगठन के भीतर अनुशासन और सम्मान की भावना कायम रहे। सभी कार्यकर्ताओं को यह समझना होगा कि कांग्रेस की मजबूती संविधान के पालन में है।”

उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे आपसी मतभेद भूलकर संगठन को मजबूत करें।

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