राज्यपाल बोले—“डीएवी नंदराज शिक्षा, संस्कार और आधुनिक कौशल का उत्कृष्ट केंद्र”
रांची: डी.ए.वी. नंदराज पब्लिक स्कूल, बरियातू में गुरुवार की शाम अचीवर्स नाइट का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ झारखंड के महामहिम राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया। इस विशेष समारोह में उन छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, राज्य स्तरीय और शहर स्तरीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय तथा राज्य का गौरव बढ़ाया।
मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल के साथ झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश संजय कुमार द्विवेदी उपस्थित रहे। समारोह में विद्यालय से जुड़े प्रतिष्ठित सदस्यों—आर्य ज्ञान प्रचार समिति के प्रधान शत्रुघ्न लाल गुप्ता, आजीवन संरक्षिका सुशीला गुप्ता, प्रधान प्रेम प्रकाश आर्य, सचिव पुनित पोद्दार, आर्य समाज रांची के प्रधान राजेन्द्र आर्य, मंत्री अजय आर्य तथा कोषाध्यक्ष संजय पोद्दार, सुनील गुप्ता, संजय जैन सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे।
सीनियर सिटीजन होम में राज्यपाल का आगमन, 50 बुजुर्गों को सम्मान कार्यक्रम की शुरुआत राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के सीनियर सिटीजन होम में आगमन से हुई, जहां उन्होंने 50 वरिष्ठ नागरिकों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। आर्य समाज और विद्यालय प्रबंधन ने राज्यपाल का पारंपरिक स्वागत किया राज्यपाल ने यहां वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित सेवाओं की सराहना करते हुए कहा
“समाज में वरिष्ठजनों का सम्मान हमारी संस्कृति की पहचान है। डीएवी नंदराज इस दिशा में अनुकरणीय कार्य कर रहा है।”
‘अंकुर लैब’ का उद्घाटन—खेल-खेल में सीखने की अभिनव पहल समारोह का मुख्य आकर्षण रहा नई ‘अंकुर कार्यशाला’ (Ankur Lab) का उद्घाटन, जिसे राज्यपाल ने दीप प्रज्वलित कर शुरू किया। नन्हें बच्चों ने गायत्री मंत्र से राज्यपाल का स्वागत किया।
राज्यपाल ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा—
“यह कॉन्सेप्ट अत्यंत प्रशंसनीय है। खेल-खेल में सीखने की यह पद्धति बच्चों के सर्वांगीण विकास में बेहद महत्वपूर्ण है।”
अंकुर लैब बाल-कक्षाओं के विद्यार्थियों में सृजनात्मकता, प्रयोगधर्मिता और प्रारंभिक कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
यज्ञशाला में वेद मंत्रों के साथ राष्ट्र की उन्नति की प्रार्थना इसके बाद राज्यपाल यज्ञशाला पहुंचे, जहां आर्य समाज के सदस्यों ने वेद मंत्रों के साथ अतिथियों का स्वागत किया। राज्य एवं राष्ट्र की उन्नति के लिए यज्ञ में आहुतियां समर्पित की गईं। यहीं पर राज्यपाल ने वृक्षारोपण भी किया और विद्यालय परिसर में पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों की सराहना की।
छात्रों को मेडल, प्रमाणपत्र और ट्रॉफी से किया गया सम्मानित मुख्य मंच पर राज्यपाल और न्यायाधीश संजय कुमार द्विवेदी ने सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार प्रदान किए। ये पुरस्कार खेल, विज्ञान, सांस्कृतिक गतिविधियों, ओलंपियाड, कला, वाद-विवाद, नृत्य, संगीत और अनेक क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिए गए।
न्यायाधीश द्विवेदी ने अपने संबोधन में कहा—
“लगातार सीखने वाला व्यक्ति ही महान बनता है। असफलताओं से घबराएँ नहीं, बल्कि उनसे आगे बढ़ने की प्रेरणा लें।”
राज्यपाल की प्रशंसा—“डीएवी नंदराज शिक्षा और संस्कार का अद्वितीय मॉडल” राज्यपाल गंगवार ने विद्यालय की शैक्षणिक और सांस्कृतिक धरोहर की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा—
“डीएवी नंदराज शिक्षा, संस्कार, संस्कृति और आधुनिक कौशल का उत्कृष्ट केंद्र है। इतनी बड़ी यज्ञशाला और अंकुर लैब जैसा मॉडल दुर्लभ है—अन्य संस्थानों को इससे सीखना चाहिए।”
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने कार्यक्रम में आए अतिथियों का स्वागत एवं आभार प्रकट करते हुए कहा कि डीएवी नंदराज सिर्फ शिक्षा नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण को प्राथमिकता देता है।
रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम ने समां बांधा कार्यक्रम के अंत में भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का दिल जीत लिया। छऊ नृत्य, डांडिया, मास्क मेलोडी और म्यूज़िकल परफॉर्मेंस ने पूरे माहौल में उत्साह भर दिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।