JSSC-CGL पेपर लीक केस की CBI जांच पर अब 31 अक्टूबर को होगी सुनवाई, रिजल्ट पर रोक बरकरार
रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले की जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर अब शुक्रवार, 31 अक्टूबर को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। इससे पहले बुधवार को मामले में लंबी बहस चली थी, जिसके बाद अदालत ने प्रारंभिक रूप से गुरुवार, 30 अक्टूबर की तारीख तय की थी। हालांकि, राज्य सरकार और सफल अभ्यर्थियों की ओर से होने वाली विस्तृत बहस को देखते हुए अदालत ने अगली सुनवाई शुक्रवार के लिए निर्धारित की है।
सरकार और आयोग की ओर से रखा गया पक्ष
गुरुवार को हुई कार्यवाही के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन और अधिवक्ता पीयूष चित्रेश ने अपना पक्ष रखा। वहीं, JSSC की ओर से अधिवक्ता संजॉय पिपरवाल ने दलीलें दीं। सरकार की ओर से कहा गया कि आयोग ने परीक्षा को निष्पक्ष रूप से संचालित किया है और पेपर लीक के आरोपों की पुष्टि अभी तक किसी ठोस सबूत से नहीं हुई है।
CBI जांच की मांग पर याचिकाकर्ता का पक्ष
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं, और राज्य स्तर पर जांच निष्पक्ष नहीं हो सकती। इसलिए, मामले की CBI जांच कराए जाने की आवश्यकता है ताकि पूरे प्रकरण की पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
याचिका में यह भी कहा गया है कि कई केंद्रों पर पेपर लीक और नकल के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिससे परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं।
रिजल्ट जारी करने पर रोक बरकरार
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि अगली तारीख तक परीक्षा परिणाम (रिजल्ट) के प्रकाशन पर लगी रोक बरकरार रहेगी। यह रोक तब तक जारी रहेगी जब तक अदालत मामले की सभी दलीलें सुनकर अंतिम आदेश नहीं दे देती।
शुक्रवार को पहले नंबर पर सूचीबद्ध है मामला
अदालत ने इस जनहित याचिका को शुक्रवार, 31 अक्टूबर को सुनवाई के लिए **पहले नंबर पर सूचीबद्ध किया है। इस दौरान अदालत राज्य सरकार, JSSC और याचिकाकर्ताओं के तर्कों पर विस्तार से सुनवाई करेगी।
क्या है पूरा मामला
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित CGL परीक्षा को लेकर राज्यभर में पेपर लीक और नकल के आरोप लगे थे। कई अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि परीक्षा प्रश्नपत्र पहले ही लीक हो गए थे। इसके बाद आयोग ने मामले की जांच के आदेश दिए, लेकिन अभ्यर्थियों ने जांच से असंतुष्ट होकर हाईकोर्ट में CBI जांच की मांग की थी।
राज्य सरकार और अभ्यर्थियों की नजर अदालत पर
अब सभी की निगाहें झारखंड हाईकोर्ट की शुक्रवार की सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत का निर्णय न केवल JSSC के भविष्य की परीक्षाओं की पारदर्शिता पर असर डालेगा, बल्कि हजारों अभ्यर्थियों के करियर से भी जुड़ा हुआ है।








