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पुष्पा नरकंकाल मामला: हाईकोर्ट सख्त, DNA जांच कोलकाता CFSL में कराने का आदेश

Pushpa skeleton case Jharkhand

DGP-SP कोर्ट में तलब, जांच में देरी पर नाराजगी; दो हफ्ते में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश

रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने बोकारो के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के मधुटॉड जंगल से बरामद नरकंकाल मामले में बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने लापता युवती पुष्पा के माता-पिता के डीएनए सैंपल की जांच सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि बरामद कंकाल का विस्तृत पोस्टमार्टम रिम्स में कराया जाए। साथ ही सरकार को दो सप्ताह के भीतर डीएनए रिपोर्ट पेश करने का सख्त निर्देश दिया गया है।

बड़े अधिकारियों की कोर्ट में पेशी
सुनवाई के दौरान राज्य के डीजीपी, बोकारो एसपी, एफएसएल निदेशक और नई गठित एसआईटी टीम को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना पड़ा। कोर्ट ने जांच में हो रही देरी पर कड़ा ऐतराज जताया। अदालत ने सवाल उठाया कि जब डीएनए सैंपल लेने के बाद जांच प्रक्रिया तुरंत शुरू हो सकती थी, तो अब तक इसमें देरी क्यों की गई। इस पर डीजीपी ने अदालत को भरोसा दिलाया कि मामले की जांच जल्द पूरी की जाएगी।

“सिर्फ छोटे कर्मियों पर कार्रवाई क्यों?”
सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि इस मामले में लापरवाही के आरोप में 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इस पर कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इतने गंभीर मामले में उच्च अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए और कार्रवाई केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए।

जांच में तेजी लाने का निर्देश
अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि इस मामले में न्याय में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएनए जांच को लेकर स्पष्ट समयसीमा तय करते हुए दो सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही जांच एजेंसियों को पारदर्शी और तेज कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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अगली सुनवाई में फिर पेश होंगे अधिकारी
यह मामला 31 जुलाई 2025 से लापता युवती पुष्पा से जुड़ा है। लंबे समय तक कोई सुराग नहीं मिलने के कारण पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। अब हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद तय की है और निर्देश दिया है कि अगली तारीख पर भी डीजीपी, बोकारो एसपी और एसआईटी टीम को अदालत में उपस्थित रहना होगा।

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पुष्पा नरकंकाल मामले में हाईकोर्ट की सख्ती से अब जांच में तेजी आने की उम्मीद है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि न्याय में देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों की जवाबदेही तय होगी।

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