जामताड़ा महिला कॉलेज में पुलिस की आत्मरक्षा एवं साइबर सुरक्षा कार्यशाला, छात्राओं को दिया सशक्तिकरण का संदेश
जामताड़ा (चंदन सिंह): जामताड़ा महिला कॉलेज में जामताड़ा जिला पुलिस की ओर से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में आत्मरक्षा की जागरूकता, साइबर सुरक्षा की समझ, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और करियर निर्माण की दिशा में प्रोत्साहन देना था। कॉलेज सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लिया और पुलिस अधिकारियों से संवाद स्थापित किया।
एसपी राजकुमार मेहता बोले — “छात्राओं का मनोबल बढ़ाना ही इस अभियान का लक्ष्य”
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा —
“आज के समय में सुरक्षा और आत्मनिर्भरता, दोनों आवश्यक हैं। छात्राओं को न सिर्फ अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए, बल्कि आत्मरक्षा और डिजिटल सुरक्षा के प्रति भी सजग रहना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पदाधिकारियों का सीधा संवाद छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाता है और उन्हें अपने करियर के प्रति और अधिक जागरूक बनाता है। एसपी मेहता ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग का यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि जिले की प्रत्येक छात्रा समाज के हर क्षेत्र में सशक्त रूप से अपनी भूमिका निभा सके।

साइबर सुरक्षा और सोशल मीडिया पर दी गई व्यवहारिक जानकारी
पुलिस विभाग के तकनीकी दल ने छात्राओं को बताया कि किस प्रकार फिशिंग, फेक प्रोफाइल, OTP फ्रॉड और सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग जैसी घटनाओं से बचा जा सकता है। छात्राओं को अपने मोबाइल और सोशल अकाउंट्स की प्राइवेसी सेटिंग्स मजबूत रखने की सलाह दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि किसी भी संदिग्ध संदेश या कॉल की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या स्थानीय थाने को दी जाए।
आत्मरक्षा के टिप्स और डेमो से भरा उत्साह
कार्यशाला में महिला पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को बेसिक सेल्फ-डिफेंस तकनीकें सिखाईं — कैसे खतरे की स्थिति में बिना हथियार के खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक डेमो में भाग लिया और कई व्यावहारिक सवाल पूछे।
करियर निर्माण और आत्मनिर्भरता पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को यह भी बताया कि राज्य पुलिस और अन्य सरकारी विभागों में करियर बनाने के लिए कौन-कौन से अवसर उपलब्ध हैं।
एसपी ने कहा —
“आज की बेटियां प्रशासन, पुलिस, न्याय और खेल—हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। हमें बस उन्हें सही दिशा और अवसर देना है।”
छात्राओं ने जताया आभार, कहा— “यह कार्यक्रम आत्मविश्वास बढ़ाने वाला” कार्यशाला के अंत में छात्राओं ने इस पहल के लिए जिला पुलिस का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल सुरक्षा जागरूकता बढ़ाते हैं बल्कि
पुलिस और समाज के बीच विश्वास और संवाद की नई कड़ी भी जोड़ते हैं।
कॉलेज प्रशासन ने भी जिला पुलिस को धन्यवाद देते हुए कहा कि
“यह पहल महिला शिक्षा और सुरक्षा दोनों को नई दिशा देगी। इससे छात्राओं में जागरूकता और आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत होगी।”
शिक्षा के साथ सुरक्षा — यही है सशक्त झारखंड की पहचान
“जामताड़ा पुलिस की यह पहल सिर्फ एक कार्यशाला नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के प्रति एक सशक्त संदेश है।” कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि जब शिक्षा और सुरक्षा साथ चलते हैं,तब हर छात्रा आत्मविश्वास से कह सकती है — “अब डर नहीं, सिर्फ आगे बढ़ना है।”








