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धनबाद पुलिस ने उजागर किया पश्चिम बंगाल आरक्षी परीक्षा फर्जीवाड़ा रैकेट

WestBengal Constable Exam

22 हिरासत में; ब्लूटूथ डिवाइस, मोबाइल और सैकड़ों एडमिट कार्ड बरामद

रांची/ धनबाद : धनबाद पुलिस ने पश्चिम बंगाल में रविवार को होने वाली आरक्षी भर्ती परीक्षा से पहले एक बड़े स्तर के फर्जीवाड़ा रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई तिसरा थाना क्षेत्र में एंटी क्राइम चेकिंग के दौरान शुरू हुई, जब पुलिस को एक संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन को रोककर जांच करनी पड़ी। वाहन में सवार लोगों से पूछताछ ने एक ऐसे अंतरराज्यीय परीक्षा माफिया नेटवर्क की पोल खोल दी, जो उम्मीदवारों से भारी रकम लेकर उन्हें नकल कराने और प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की तैयारी में जुटा था।

स्कॉर्पियो वाहन ने खोला फर्जीवाड़े का जाल
शनिवार की रात पुलिस तिसरा थाना के पास नियमित एंटी क्राइम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध स्कॉर्पियो को रोका गया। वाहन में मौजूद लोगों से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि यह गिरोह पश्चिम बंगाल पुलिस आरक्षी परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को झरिया में एक लॉज के भीतर बिठाकर परीक्षा से पहले संभवतः ‘रीडिंग’ या ‘लीक्ड पैटर्न’ उपलब्ध करा रहा था।

पुलिस ने जब इस संबंध में और पड़ताल की, तो खुलासा हुआ कि झरिया थाना क्षेत्र के बंधन लॉज में कई उम्मीदवारों को एकत्र कर परीक्षा फर्जीवाड़े की तैयारी चल रही है। इसके बाद पुलिस टीम तुरंत लॉज की ओर रवाना हुई और देर रात छापेमारी की कार्रवाई की गई।

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बंधन लॉज से 22 लोग हिरासत में, 14 परीक्षार्थी शामिल
झरिया स्थित बंधन लॉज में पुलिस को बड़ी संख्या में युवा उम्मीदवार और उनको ‘गाइड’ करने वाले संदिग्ध व्यक्ति मिले। कुल 22 लोगों को मौके से हिरासत में लिया गया, जिनमें से 14 उम्मीदवार वही थे जिन्हें परीक्षा में फर्जी तरीके से पास कराने की साजिश रची जा रही थी। बाकी लोग तकनीकी सहायता देने वाले या लॉजिस्टिक व्यवस्था संभालने वाले सदस्य थे।

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पुलिस के अनुसार, यह पूरा गिरोह रविवार को होने वाली पश्चिम बंगाल आरक्षी भर्ती परीक्षा में फर्जी माध्यमों से उम्मीदवारों को पास कराने की योजना तैयार कर चुका था। हर परीक्षार्थी से मोटी रकम वसूलने की तैयारी थी। यह रैकेट विभिन्न राज्यों में सक्रिय नेटवर्क से जुड़ा होने की आशंका है।

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इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और सैकड़ों एडमिट कार्ड बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक और परीक्षा–संबंधी सामग्री मिली, जिससे स्पष्ट हो गया कि यह साजिश बेहद संगठित और तकनीकी रूप से तैयार थी। जब्ती सूची में शामिल हैं:

  • 272 एडमिट कार्ड
  • 70 मोबाइल फोन
  • 40 ब्लूटूथ डिवाइस
  • कलाई में छिपाने योग्य स्मार्ट नकल घड़ियाँ
  • आडियो डिवाइस
  • विभिन्न बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक
  • कई फर्जी दस्तावेज और नोटबुक
  • एक कार्टून पेन जिसमें ऑडियो नकल उपकरण लगा था
  • मोबाइल चार्जर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री
  • 10 नकली ‘सोने जैसी’ चेन जिन्हें संकेत देने के लिए उपयोग किया जाता था

इन उपकरणों से स्पष्ट है कि गिरोह उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्रों पर ब्लूटूथ के जरिए उत्तर भेजने, लाइव सॉल्यूशन कराने और एडमिट कार्ड बदलने जैसे तरीकों का इस्तेमाल करने वाला था।

धनबाद पुलिस की तत्परता ने रोक दी बड़ी धोखाधड़ी
धनबाद पुलिस अधिकारी ने बताया कि स्कॉर्पियो वाहन में मिली प्रारंभिक सूचना ने पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया। यदि समय रहते कार्रवाई न होती तो यह गिरोह बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को भर्ती परीक्षा में अवैध तरीके से पास कराने में सफल हो सकता था।

अधिकारियों ने बताया कि यह नेटवर्क पहले से पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के कई जिलों में सक्रिय रहा है। परीक्षा से एक दिन पहले ही विभिन्न जिलों से उम्मीदवारों को बुलाकर एक ही बिल्डिंग या लॉज में ठहराया जाता था, जहां उन्हें नकल के आधुनिक तरीकों की ट्रेनिंग दी जाती थी।

अंतरराज्यीय नेटवर्क की गहराई तक जांच शुरू
हिरासत में लिए गए सभी लोगों से पुलिस विस्तृत पूछताछ कर रही है। कई मोबाइल फोन और डिवाइस का फॉरेंसिक विश्लेषण किया जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क के पीछे मुख्य सरगना कौन हैं। धनबाद पुलिस का कहना है कि इस गिरोह की पहुंच बंगाल, बिहार, झारखंड सहित कई राज्यों तक होने की संभावना है। प्रत्याशी से 3 से 6 लाख रुपये तक की वसूली का भी इनपुट मिला है।

पुलिस ने साफ किया है कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। बरामद इलेक्ट्रॉनिक डेटा खंगालने के बाद इस पूरे रैकेट के ‘मास्टरमाइंड’ तक पहुंचने का प्रयास जारी है।

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