रांची: राजधानी के स्कूल में गंभीर यौन उत्पीड़न मामला, DSE ने 48 घंटे में जांच रिपोर्ट मांगी

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Ranchi :रांची के रातू रोड स्थित श्रद्धानंद सेवाश्रम मध्य विद्यालय में छात्राओं ने अपने शिक्षक अभिषेक कुमार सिन्हा पर गंभीर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। आरोप है कि शिक्षक वीडियो कॉल के जरिए छात्राओं को कपड़े उतारने के लिए मजबूर करता था और उन्हें होटल ले जाने की धमकी देता था। इस तरह की शर्मनाक हरकतों का शिकार अब तक 15 से अधिक छात्राएं हो चुकी हैं, जबकि एक छात्रा ने स्कूल छोड़ना ही बेहतर समझा।

मामला सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। रांची के उपायुक्त (DC) मंजुनाथ भजंत्री ने मामले का संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) रांची को जांच का आदेश दिया।

जांच के लिए गठित की गई तीन सदस्यीय टीम
DSE रांची, बादल राज, ने स्कूल पहुंचकर प्राचार्य और शिक्षकों से बातचीत की और कड़ा आदेश दिया कि जांच पूरी होने तक कोई भी शिक्षक छुट्टी पर नहीं जाएगा। इसके साथ ही तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई, जिसमें शामिल हैं:

सीमा कुमारी – प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, ओरमांझी

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राजेश कुमार – प्रधानाध्यापक सह-निकासी एवं व्यय पदाधिकारी, उच्च विद्यालय बोड़ेया, कांके

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राकेश मिश्रा – प्रधानाध्यापक सह-निकासी एवं व्यय पदाधिकारी, उच्च विद्यालय बिजुलिया, रातू

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DSE ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि 48 घंटे के भीतर पूरी जांच रिपोर्ट जिला शिक्षा अधीक्षक को सौंप दी जाए।

बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता
जांच के दौरान DSE ने महिला शिक्षिकाओं से छात्राओं को गुड टच–बैड टच, यौन शोषण से बचाव और इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग सिखाने का निर्देश दिया। DSE ने खुद भी छात्रों से मुलाकात की और उनकी बातों को गंभीरता से सुना।

अभियुक्त शिक्षक का स्कूल में प्रवेश रोका गया
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी शिक्षक का मोबाइल फोन फिलहाल बंद है और वह स्कूल में नहीं आ रहा है। स्कूल प्रबंधन को आदेश दिया गया है कि आरोपी शिक्षक को किसी भी कक्षा में पढ़ाने की अनुमति नहीं दी जाए। DSE ने साफ चेतावनी दी कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी शिक्षक को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

माता-पिता और समाज में चिंता
मामले के सार्वजनिक होने के बाद छात्राओं के माता-पिता और स्थानीय समाज में चिंता और आक्रोश देखने को मिला है। प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया है।

आगे की कार्रवाई
जांच पूरी होने के बाद जिला शिक्षा अधीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। DSE और जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

रांची के इस स्कूल में छात्राओं के साथ हुई घटनाएं शिक्षा और बच्चों की सुरक्षा के प्रति गंभीर चेतावनी हैं। यह मामला सिर्फ स्कूल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे समाज और शिक्षा प्रणाली को सतर्क करने वाला संदेश है। प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं।

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