डीजीपी बनते ही तदाशा मिश्रा ने इंस्पेक्टर अरुण कुमार सिंह को एसीबी से पुलिस मुख्यालय लाया
पदभार संभालते ही डीजीपी तदाशा मिश्रा का पहला आदेश, एसीबी इंस्पेक्टर अरुण कुमार सिंह को पुलिस मुख्यालय में एनजीओ प्रभारी बनाया गया
रांची: झारखंड की नई डीजीपी तदाशा मिश्रा ने पदभार ग्रहण करते ही अपना पहला प्रशासनिक आदेश जारी किया है। उन्होंने एसीबी (Anti-Corruption Bureau) में तैनात इंस्पेक्टर अरुण कुमार सिंह का स्थानांतरण कर उन्हें पुलिस मुख्यालय (झारखंड) में एनजीओ प्रभारी (NGO In-Charge) के रूप में प्रतिनियुक्त किया है।
तुरंत प्रभाव से लागू हुआ आदेश
डीजीपी कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि इंस्पेक्टर अरुण कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से पुलिस मुख्यालय में पदस्थापित किया जाता है। वह अब अगले आदेश तक अपनी सेवाएं मुख्यालय में देंगे। साथ ही, सभी संबंधित अधिकारियों को इस आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
एसीबी में ईमानदार और सख्त अधिकारी के रूप में पहचान जानकारी के मुताबिक, अरुण कुमार सिंह एसीबी में कड़ी कार्यशैली, ईमानदारी और अनुशासन के लिए जाने जाते रहे हैं।
उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण भ्रष्टाचार मामलों की जांच में अहम भूमिका निभाई, जिससे एसीबी के भीतर एक सख्त और पारदर्शी अधिकारी के रूप में उनकी पहचान बनी।
पुलिस मुख्यालय में नई भूमिका — एनजीओ प्रभारी
पुलिस मुख्यालय में एनजीओ प्रभारी का पद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह विभाग झारखंड पुलिस से संबद्ध गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के साथ सामाजिक अभियानों, पुलिस-जनसंपर्क और कल्याणकारी गतिविधियों का समन्वय करता है।
इस पद पर अरुण कुमार सिंह की नियुक्ति से पुलिस विभाग में प्रोफेशनलिज्म और पारदर्शिता को नया बल मिलने की उम्मीद है।
डीजीपी तदाशा मिश्रा का प्रशासनिक संदेश
तदाशा मिश्रा ने डीजीपी का प्रभार ग्रहण करते ही अनुशासन, जवाबदेही और संगठनात्मक दक्षता पर जोर देने की बात कही थी। उनका यह पहला निर्णय उसी दिशा में एक संकेत माना जा रहा है | सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में
पुलिस मुख्यालय और जिला स्तर पर कई प्रशासनिक फेरबदल भी देखने को मिल सकते हैं।
तदाशा मिश्रा का यह निर्णय बताता है कि नई डीजीपी प्रशासनिक सक्रियता और पारदर्शिता पर जोर देने के मूड में हैं। एसीबी के सख्त अधिकारी रहे अरुण कुमार सिंह को मुख्यालय में लाकर उन्होंने यह संकेत दिया है कि आने वाले समय में झारखंड पुलिस में जवाबदेही और ईमानदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।








