झारखंड स्थापना दिवस पर ‘Know Your Tourist Place’ साइकिल रैली का शुभारंभ
रांची: झारखंड स्थापना दिवस के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा आयोजित रजत जयंती समारोहों में एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। गुरुवार सुबह रांची के मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका से ‘Know Your Tourist Place’ साइकिल रैली को पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली का उद्देश्य झारखंड में छिपे हुए पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देना, युवाओं को साहसिक पर्यटन से जोड़ना और ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान दिलाना है।
रैली के आयोजन स्थल पर सुबह से ही उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में प्रतिभागी, विशेषकर युवा और साइकिल प्रेमी, राज्य स्थापना दिवस की भावना को और अधिक उत्साहित कर रहे थे। जैसे ही मंत्री ने रैली को फ्लैग ऑफ किया, सैकड़ों साइकिल सवार झारखंड की प्राकृतिक धरोहरों की ओर निकल पड़े।

रांची से लतरातु डैम—पहला पड़ाव
रैली का पहला बड़ा पड़ाव खूबसूरत लतरातु डैम है, जो रांची और लतरातु के बीच पहाड़ी घाटियों से घिरा एक आकर्षक पर्यटन स्थल है। प्रतिभागी 13 नवंबर की शाम तक लतरातु पहुंचेंगे, जहां रात में विश्राम की व्यवस्था की गई है। संगठन टीम ने सुरक्षा, भोजन, मेडिकल सपोर्ट और ट्रैक मैपिंग की विस्तृत व्यवस्था की है।
पर्यटन सचिव मनोज कुमार ने बताया कि यह रैली केवल खेल नहीं बल्कि एक “टूरिज्म मूवमेंट” है, जिसका उद्देश्य झारखंड के अनदेखे पर्यटक स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर लाना है। उन्होंने कहा, “लतरातु डैम और उसके आसपास के रिज़ॉर्ट क्षेत्र साहसिक पर्यटन, पैराग्लाइडिंग, बोटिंग और ट्रेकिंग के लिए आदर्श हैं। सरकार इन्हें अगले चरण में प्रमोट करेगी।”
14 नवंबर: रांची के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण
लतरातु ठहराव के बाद 14 नवंबर को प्रतिभागी वापस रांची की ओर लौटेंगे और रास्ते में कई महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण करेंगे। इनमें शामिल हैं—
- रॉक गार्डन
- कांके डैम
- टैगोर हिल
- ऑक्सफोर्ड मिशन
- पतरातू घाटी
- सिदो-कान्हू पार्क
इस दिन की यात्रा का उद्देश्य रांची को “पर्यटन हब” के रूप में स्थापित करना है। प्रतिभागियों को हर स्थल पर संक्षिप्त परिचय और पर्यटन महत्व की जानकारी भी दी जाएगी।

15 नवंबर: धरती आबा बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातू पहुंचेगी रैली
राज्य स्थापना दिवस और महान स्वतंत्रता सेनानी धरती आबा बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर 15 नवंबर को रैली खूंटी से उलिहातू पहुंचेगी। यह रैली का सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जा रहा है, क्योंकि उलिहातू न केवल ऐतिहासिक महत्व का स्थल है, बल्कि बिरसा मुंडा के जीवन और उनके आंदोलन का केंद्र भी है।
प्रतिभागी उलिहातू में बिरसा मुंडा स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। आयोजन समिति ने बताया कि यह यात्रा युवाओं को झारखंड के ऐतिहासिक संघर्ष, सांस्कृतिक परंपरा और भूमि आंदोलन की समृद्ध विरासत से जोड़ने का एक प्रयास है।
सरकार का लक्ष्य—झारखंड को पर्यटन का प्रमुख गंतव्य बनाना
पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि यह साइकिल रैली झारखंड की “पर्यटन नीति 2025” के तहत विकसित की गई विशेष गतिविधि है। इसका लक्ष्य राज्य के अनछुए पर्यटन स्थलों को लोकप्रिय करना, साहसिक पर्यटन को मजबूत बनाना और स्थानीय समुदायों को रोजगार उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा,
“झारखंड केवल खनिजों का राज्य नहीं, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विविधता और ऐतिहासिक धरोहर का अनमोल खजाना है। हमारी कोशिश है कि पर्यटन क्षेत्र में झारखंड देश के शीर्ष राज्यों में शामिल हो।”
प्रशासनिक व्यवस्था रही मजबूत
रैली को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री, नगर पुलिस अधीक्षक पारस राणा, खेल निदेशक शेखर जमुआर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मेडिकल टीम, सुरक्षा वाहन, GPS ट्रैकिंग और वॉलंटियर टीम लगातार प्रतिभागियों के साथ चल रही है।
झारखंड स्थापना दिवस की 25वीं वर्षगांठ पर आयोजित यह साइकिल रैली न केवल एक खेल आयोजन है, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक विरासत को नई पहचान देने वाली ऐतिहासिक पहल भी साबित हो रही है।








