जामताड़ा में छठ घाटों पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, अजय नदी तट पर व्रतियों ने दिया सूर्य को अर्घ्य
मुनादी Live जामताड़ा: लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा की भव्यता सोमवार को जामताड़ा जिले के घाटों पर चरम पर दिखाई दी। अजय नदी तट, करमाटांड़, नारायणपुर, कुंडहित सहित जिले के सभी प्रमुख घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं और व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। इस दौरान पूरा वातावरण छठ माता की जय और पारंपरिक छठ गीतों से गुंजायमान रहा।
सुबह से ही घाटों पर तैयारियों का दौर शुरू हो गया था। व्रती महिलाएं सूप, फल, ठेकुआ, नारियल, गन्ना और दीप लेकर नदी तट पर पहुंचीं। घाटों को फूलों और रंगोली से सजाया गया था। जैसे ही सूर्य पश्चिम दिशा में ढलने लगा, महिलाएं जल में खड़ी होकर भगवान सूर्यदेव से परिवार की सुख, समृद्धि और आरोग्य की कामना करने लगीं। चारों ओर जलते दीपों और गीतों की रोशनी से अजय नदी का तट एक अलौकिक दृश्य में बदल गया।

प्रशासन ने की पुख्ता व्यवस्था
जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था की पूरी तैयारी की गई थी। थाना पुलिस, एनडीआरएफ टीम और गोताखोरों की तैनाती घाटों पर की गई थी। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग द्वारा एम्बुलेंस और प्राथमिक उपचार टीम को भी तैयार रखा गया था। ट्रैफिक पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने और सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की।
श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
अजय नदी घाट पर मौजूद श्रद्धालु परिवारों ने कहा कि छठ पूजा न केवल आस्था का पर्व है, बल्कि परिवार और समाज को एकजुट करने वाला उत्सव भी है। व्रती महिलाओं ने बताया कि चार दिनों के इस व्रत में आत्मसंयम, पवित्रता और निष्ठा का पालन किया जाता है। बच्चों और बुजुर्गों ने भी घाट पर पूजा का आनंद लिया।

उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने की तैयारी आज
आज देर रात व्रती महिलाओं ने अंतिम अर्घ्य की तैयारी शुरू की। मंगलवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर लोक आस्था के इस चार दिवसीय पर्व का समापन किया जाएगा।



